बोकारो (BOKARO): जिले के महुआटांड़ थाना क्षेत्र के लेडवा टोला में रैयत को दखल-दिहानी दिलाने आये जिला बल को उस समय बैरंग वापस लौटना पड़ गया, जब ग्रामीणों ने पारम्परिक हथियारों के साथ विरोध करना शुरू कर दिया. इस संबंध में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के नाजिर ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश के अनुसार गांव के निवासी हरेन्द्रनाथ साहू को भूमि अधिग्रहण दिलाने आये थे. लेकिन ग्रामीणों ने तीर धनुष के साथ विरोध करना शुरू कर दिया. जिस कारण हरेन्द्रनाथ साहू के भूमि अधिग्रहण का काम नहीं हो सका.

चल रहा था जमीन विवाद
बता दें कि हरेन्द्रनाथ साहू बनाम शंकर मांझी वगैरह के बीच भूमि विवाद का मामला न्यायालय में चल रहा था. न्यायालय का फैसला हरेन्द्रनाथ साहू के पक्ष में आया था. इसलिए उस आदेश के आलोक में जिला बल के साथ भूमि अधिग्रहण दिलाने आये. कोर्ट के फैसले के बावजूद ग्रामीणों के विरोध से वापस लौट जाना पड़ा.
पीड़ित की माने तो...
इस संबंध में पीड़ित हरेन्द्रनाथ साहू ने बताया कि हम लोग 1908 के खतियान धारी है. यह भूमि हमारे पूर्वजों की है. न्यायालय में यह मामला लंबित था. जिसका फैसला हमारे पक्ष में आया है. इसके बावजूद भी दूसरे पक्ष के द्वारा गलत तरीके से विरोध किया जा रहा है.
चौहद्दी गलत दर्शायी कराने का आपोप
वहीं इस संबंध में दूसरे पक्ष के सोहन हेम्ब्रम ने बताया कि यह भूमि उनकी है. इस भूमि पर वह लोग वर्षो से जोत आबाद करते आ रहे हैं. हरेन्द्रनाथ साहू गलत तरीके से उक्त भूमि को अपनी भूमि बता रहा है. उसके पास जो भूमि सम्बंधित कागजात है, उसमें चौहद्दी गलत दर्शायी गई है.
रिपोर्ट: संजय कुमार, बोकारो, गोमिया
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