देवघर: रेलवे की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा मां-बेटी को, ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत, गांव में पसरा मातम

    देवघर: रेलवे की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ा मां-बेटी को, ट्रेन की चपेट में आने से हुई मौत, गांव में पसरा मातम

    देवघर(DEOGHAR): भले ही रेलवे दिन प्रतिदिन तकनीकी रूप से विकसित हो रही है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है लेकिन यात्रियों के जीवन के साथ भी खेलवाड़ कर रही है. ताज़ा मामला देवघर जिला की है जहां रेलवे की गलती के कारण माँ बेटी की जान चली गयी.5 साल पहले ही बेटी के सर से बाप का साया उठ चुका था. इस परिवार में अब एक बेटा ही बचा है. जिसका भविष्य संवारने की गुहार शुरू हो गई है.

    ऊपरी पुल नहीं रहने के कारण हुआ हादसा

    जसीडीह-मधुपुर रेल लाइन स्थित अर्जुन नगर हॉल्ट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है. तुम्पी देवी नामक महिला अपनी 5 वर्षीया बेटी और 8 वर्ष के बेटा के साथ जामताड़ा से मथुरापुर लोकल ट्रेन से आई थी. तुम्पी देवी का ससुराल जामताड़ा के फतेहपुर में है वह अपने बच्चों के साथ मथुरापुर मायका आ रही थी. लोकल ट्रेन से उतरने के बाद पटरी पार कर रही थी.आगे उसकी बेटी और पीछे उसका बेटा पटरी पार कर रही थी. तभी विपरीत दिशा से एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी. तुम्पी देवी बेटी को बचाने के लिए दौड़ी तब तक ट्रेन की चपेट में आ गयी. इस घटना से माँ बेटी की मौत ट्रेन से कट कर हो गई. जबकि इसका बेटा बहुत भाग्य से बच गया. जामताड़ा से लोकल ट्रेन पकड़ कर अर्जुन नगर हॉल्ट उतरी थी. इस हॉल्ट के समीप ही तुम्पी देवी का मायका है. ट्रेन से उतरने के बाद रेल पटरी को पार करना पड़ता है क्योंकि इस हॉल्ट पर एक तरफ से दूसरी तरफ आने जाने के लिए ऊपरी पुल की व्यवस्था नही है. मजबूरन यात्री रेल पटरी को पार करते हुए अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं. रेलवे यात्रियों की हर सुविधाओं का ख्याल रखती है लेकिन इस हॉल्ट पर ऊपरी पुल का निर्माण नही करावने से आज एक बेटा के सर से उसकी माँ का  हाथ उठ गया और उसके कलाई पर राखी बांधने वाली बहन का साथ छूट गया. घटना के बाद तुम्पी देवी के मायका वाले और आसपास के लोगों का जमावड़ा लग गया. परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है. पुलिस ने दोनो क्षत विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दी है. मासूम बच्चे के परवरिश के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई जा रही है. 

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा 



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