देवघर : गणतंत्र दिवस की परेड में पुरुषों के साथ कदम से कदम ताल मिलाएंगी बच्चियां, डीसी ने कहा इस साल का समारोह होगा ऐतिहासिक 

    देवघर : गणतंत्र दिवस की परेड में पुरुषों के साथ कदम से कदम ताल मिलाएंगी बच्चियां, डीसी ने कहा इस साल का समारोह होगा ऐतिहासिक

    देवघर (DEOGHAR) : इस बार का गणतंत्र दिवस देवघर में कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है. सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस एक ही दिन होने के कारण इस बार गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में स्कूली बच्चियों का दबदबा हर क्षेत्र में देखने को मिलेगा. ये स्कूली बच्चियां सिर्फ मुख्य बैंड ही नहीं बजाएंगी बल्कि ये बच्चियां पुरुषों के साथ कदम से कदम ताल भी मिलायेंगी. इस साल गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण पर आधारित होगा. मंगलवार को जिला उपायुक्त ने मुख्य समारोह में होने वाले परेड के अंतिम अभ्यास और अन्य तैयारियों का निरीक्षण किया.

    पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन करेंगे झंडोत्तोलन

    दरअसल, इस साल जिला प्रशासन ने नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गणतंत्र दिवस समारोह में कई सरकारी स्कूलों की बच्चियां द्वारा परेड और बैगपाइपर बैंड बजाने का फैसला लिया है. गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह स्थानीय नगर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा. जहां झारखंड के पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा. मंगलवार को झंडोत्तोलन समारोह के मॉकड्रिल के मौके पर बोलते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि इस बार सरकारी स्कूल की बच्चियों को काफी ट्रेंड कर परेड और बैंड में शामिल किया गया है. 8 में से 4  परेड की टुकड़ी बच्चियों के होगा इसके अलावा एक एनसीसी और 3 जिला पुलिस बल की होगी. इस मौके पर स्कूली बच्चियों द्वारा कई कार्यक्रम और झांकी भी निकाली जाएगी. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा  तैयारी पूरी कर ली गई है.

    असामाजिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की नजर

    वहीं जिला के एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि गणतंत्र दिवस,सरस्वती पूजा और बाबा मंदिर में बाबा को तिलक चढ़ाने के लिए मिथिलांचल वासियों की उमड़ने वाली भीड़ की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी के साथ सभी संभावित जगहों पर मंगलवार की शाम से कर दिया जाएगा. वहीं असामाजिक तत्वों पर सादे लिबास में पुलिस की पैनी नजर रहेगी. पहली बार लगभग 52 साल बाद ऐसा मौका है जब एक निजी स्कूल के बैंड की जगह पर सरकारी स्कूल की बच्चियों द्वारा बैंड बजाया जाएगा.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर



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