लोहरदगा (LOHARDAGA) : लोहरदगा के सदर अस्पताल में चिकित्सक लगातार अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं. लोहरदगा और जमशेदपुर सहेत कई राज्य में इसको लेकर लगातार डॉक्टर द्वारा आवाज उठाया जा रहा है. कई जगहों से डॉक्टरों पर जानलेवा हमला जैसी खबरें सामने आई है, जिसे लेकर चिकित्सक मेडिकल पर्टेक्शन एक्ट की मांग कर रहे है. वही हड़ताल की वज़ह से ओपीडी सेवा बाधित हो गई है, हालांकि इमरजेंसी सेवा बहाल रखा गया है. इस मामले में आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ गणेश प्रसाद ने बताया कि सिविल सर्जन को निजी अस्पताल के संचालकों के द्वारा सर तन से जुदा होने की धमकी दी जाती है.
आंदोलन का स्वरुप होगा बड़ा
डॉ गणेश प्रसाद ने कहा कि झारखंड में चिकित्सक सुरक्षित नहीं है, इसके अलावा गढ़वा और राज्य के कई जिलों में ऐसी घटनाएं सामने आ रही है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से उदासीन है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार अगर इनकी बात नहीं मानती है तो आंदोलन का स्वरुप और बड़ा होगा.
जमशेदपुर में भी हड़ताल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और डॉक्टरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर जमशेदपुर में भी डॉक्टर एक दिवसीय हड़ताल पर हैं. हालांकि इस हड़ताल में इमरजेंसी सेवा को इससे दूर रखा गया है. शहर के सभी सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने एक रैली निकाली और उपायुक्त कार्यालय पहुंच जोरदार प्रदर्शन किया. साथ ही महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र भी सौपा है, जिसमें लोगों ने मांग की है कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए ताकि डॉक्टरों को सुरक्षा मिल सके . साथ ही पिछले 15 दिनों में डॉक्टरों के साथ हुए दुर्व्यवहार मारपीट के मामले में भी आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है.
रिपोर्ट: गौतम लेनिन/ रंजीत ओझा
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