खतरे में झारखंड की बेटियां ! प्रगति बन गई तबस्सुम तो रीता हो गई फिजा खातून, चल रहा बड़ा खेल

    खतरे में झारखंड की बेटियां ! प्रगति बन गई तबस्सुम तो रीता हो गई फिजा खातून, चल रहा बड़ा खेल

    रांची (RANCHI): झारखंड में धर्म परिवर्तन का बड़ा खेल चल रहा है. इसमें बेटियां निशाने पर है. धनबाद से लेकर सरायकेला और संथाल परगना तक बड़ा सिंडीकेट काम कर रहा है. जिसका मकसद एक ही है. LOVE ZIHAD करना. तभी तो हाल में दो मामले सामने आए. पहला सरायकेला से दूसरा धनबाद जिला से, जहां बेटी को भगाने का आरोप लगा. लेकिन जब बाद में जानकारी मिली की दोनों जगह खेल एक जैसा हुआ है. धनबाद की बेटी प्रगति अब तबस्सुम बन गई तो सरायकेला की रीता महतो फिजा खातून हो गई. अब इस मामले में सरकार पर भी विपक्ष सवाल उठाने लगा है. आखिर कब तक बेटियों को टारगेट किया जाएगा.   

    सबसे पहले जान लेते है सरायकेला खरसावा का मामला, यहां के निमडीह में दिन दहाड़े बेटी रीता को उठा ले गया. आरोपी का नाम तस्लीम आलम है. इसकी खबर पूरे इलाके में फैल गई. इलाके में बवाल मच गया. गुस्साये लोगों ने आरोपी के घर में आग लगा दिया. जिसके बाद इलाके में BNS की धारा 163 लागू कर दिया गया. इलाके में तनाव बढ़ गया. पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया. बाद में जानकारी मिली की मोहम्मद तस्लीम ने रिता के साथ शादी कर ली है. और बंगाल में जाकर रिता का नाम फिजा रख दिया गया.

    इसके बाद दूसरा मामला धनबाद से सामने आया. धनबाद के बरवारी में आरिफ़ हुसैन ने 19 साल की बेटी प्रगति को टारगेट किया. फिर इसे लेकर फरार हो गया. मामला बाढ़ गया जिसके बाद थाना पहुंच कर बजरंज दल के लोगों ने भी हंगामा किया. लड़की की मां ने आरोपी युवक आरिफ़ के खिलाफ धनबाद थाना में मामला दर्ज करवाया. जिसके बाद पुलिस जांच में जुटी है. लेकिन इस बीच खबर आई की धनबाद की बेटी प्रगति का पहले ही नामकरण कर दिया गया था. वह प्रगति से तबस्सुम कर दिया गया और यहां भी इससे शादी कर ली गई.

    इस पूरे मामले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सवाल उठाया है. अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा कि झारखंड में एक ओर बांग्लादेशी का आतंक जारी है तो दूसरी ओर बेटियों को शिकार बनाया जा रहा है. ऐसे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए ऐसे लोगों पर कब कार्रवाई होगी यह सवाल पूछा है.

    अगर देखें तो झारखंड का संताल परगना प्रमंडल बांग्लादेशी घुसपैठ का सेफ जॉन माना जाता है. यहां बड़ी आबादी ऐसी है जो घुसपैठियों की है. कई बार गिरफ़्तारी भी हुई. बावजूद कोई ठोस जांच घुसपैठ को लेकर नहीं की गई. ऐसे में यह घातक होते जा रहा है. आखिर ऐसे में झारखंड बर्बाद हो जाएगा.                                             


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