अवैध खनन में मौत का तांडव : बाघमारा में राहत कार्य शुरू करना क्यों एनडीआरएफ के लिए आसान नहीं होगा, पढ़िए !

    अवैध खनन में मौत का तांडव : बाघमारा में राहत कार्य शुरू करना क्यों एनडीआरएफ के लिए आसान नहीं होगा, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : बाघमारा में अवैध खदान धंसने के बाद मजदूरों के दबे होने की शिकायत के बाद एनडीआरएफ की टीम बाघमारा तो पहुंच गई है. लेकिन बचाव और राहत कार्य शुरू नहीं हुआ है. टीम इलाके का निरीक्षण कर रही है. एनडीआरएफ की टीम अवैध खनन के दौरान हुए हादसे के अगल-बगल के इलाकों की मुआयना कर रही है. दरअसल, अगर टीम के पास खदान का नक्शा उपलब्ध होता, तो बचाव कार्य करने में उसे परेशानी नहीं होती. घटनास्थल के बगल में ही जमुनिया नदी बह रही है.  लगातार बारिश के कारण जलस्तर भी बढ़ा  हुआ है.

    कहा जा रहा है कि जमुनिया नदी का पानी खदान में घुस गया है. जिस वजह से धंसान  की घटना हुई. एनडीआरएफ के सहयोग के लिए बीसीसीएल की माइंस रेस्क्यू टीम भी है. लेकिन राहत कार्य करना किसी चुनौती से कम नहीं है. दरअसल ,अवैध उत्खनन के लिए जो मुहाने खोले जाते हैं, उनमें जाने का तो एक ही रास्ता होता है, लेकिन उसके भीतर कई मुहाने खोल दिए जाते है. "रैट होल " के जरिए इस तरह के खदानों से कोयला काटा जाता है. 

    सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने से थोड़ी भी गड़बड़ी होने से चाल दरक जाती है और धंसान  हो जाता है. बाघमारा के जमुनिया में सिर्फ पानी भरने से चाल धंसी है या और कोई चूक हुई है, इसका पता चलना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है. बता दें कि बुधवार को गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी आरोप लगाए थे कि कम से कम बारह लोग दबे हुए है. उन्होंने पांच लोगो के नाम भी जारी किये. उन्हीं की मांग पर एनडीआरफ की टीम बाघमारा पहुंची है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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