सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी पर बैद्यनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब, जानें कैसे काल सर्प दोष से मिलती है मुक्ति

    सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी पर बैद्यनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब, जानें कैसे काल सर्प दोष से मिलती है मुक्ति

    देवघर(DEOGHAR):आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी है. जिसे नाग पंचमी कहते है. सावन मास की सोमवारी और नाग पंचमी एक साथ पड़ने की वजह से आज के दिन का खास महत्व माना जा रहा है. सावन माह शिव आराधना के लिए शुभ माना जाता है और खासकर आज का दिन तो और भी शुभ है. आज नाग पंचमी है,  जानकारो के अनुसार भगवान शंकर के प्रिय नाग देवता है और आज के दिन पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर दुध अर्पण करने से श्रद्धाल को मनवांछित फल प्राप्त कर भगवान शंकर के प्रिय बन जाते है. दुसरी ओर ऐसी मान्यता है कि श्रावण मास में ही समुंद्र मंथन के दौरान जो विष निकला उसे भगवान शंकर ने ग्रहण किया और इसी दिन सांप का अभिर्भाव हुआ था.

    सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी पर बैद्यनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब

    ऐसे में आज के दिन नाग की पूजा करने के साथ-साथ बाबा भोलेनाथ की पूजा करने से सारी मनोकामना मिलती है. यही वजह है कि आज देवघर के बाबा मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ पड़ी है. मंदिर का पट खुलने से पहले श्रद्धालुओं की कतार मंदिर परिसर से लगभग 10 किलोमीटर दूर पहुंच गई थी.श्रद्धालुओं को सुलभ और सुरक्षित जलार्पण करवाना प्रशासन के लिए आज चुनौती भरा दिन है.इसको लेकर देर रात से ही डीसी विशाल सागर,एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग खुद पूरा मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहे है. 

    सीसीटीवी कैमरे  की मदद से गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नज़र है

    सीसीटीवी कैमरे  की मदद से गति गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नज़र है.आज के दिन सांप के पार्थिव शरीर को ज्योर्तिलिंग में अर्पित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. आज ढाई से तीन लाख श्रद्धालु जलार्पण कर सकते हैं. विशेष दिन और तिथि होने से केसरिया मय हो गया है बाबाधाम, चहुओर बोलबम का नारा गूंज रहा है. 

    रिपोर्ट- रितुराज सिन्हा


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