Crime &Criminals:देवघर का आस्तिक पालिवाल कुख्यात अमन साव का रहा है दोस्त,धनबाद पुलिस ने कैसे किया खुलासा,पढ़िए

    Crime &Criminals:देवघर का आस्तिक पालिवाल कुख्यात अमन साव का रहा है दोस्त,धनबाद पुलिस ने कैसे किया खुलासा,पढ़िए

    धनबाद: बंगाल अलीपुरद्वार जेल में बंद देवघर का अपराधी आस्तिक पालिवाल उर्फ गुड्डू उर्फ शशि धनबाद में अपना नया गिरोह बनाने की तैयारी में है.आस्तिक एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात अमन साव का दोस्त भी रहा है.धनबाद पुलिस ने जिस साहिल शर्मा को गिरफ्तार किया है, उससे यह खुलासा हुआ है. 

    आस्तिक पालीवाल ने ही साहिल को गिरोह से जोड़ा था. गिरोह में साहिल की तरह कई अन्य लड़के भी हैं. पुलिस अब साहिल को पिस्तौल और गोली देने वाले को खोज रही है. साहिल ने पुलिस को बताया है की टुंडी के जंगल में उसे हथियार दिया गया था. अब पुलिस गिरोह के लड़कों को खोज रही है .

    साहिल शर्मा ने बताया है कि आस्तिक  धनबाद के बेकार बांध स्थित एक किराए के मकान में रहता था. वह धनबाद में ही एक स्कूल में पढ़ता था. क्रिकेट खेलने के दौरान साहिल और आस्तिक की पहचान हुई थी. पुलिस को साहिल ने यह भी बताया है कि आस्तिक कुख्यात अपराधी रहे अमन साव का दोस्त है. अमन साव के इशारे पर उसने कई कांडों को अंजाम दिया है.

     जिस केस में आस्तिक अलीपुरद्वार जेल में बंद है, उस केस में अमन साव भी आरोपी था. आस्तिक  पर हत्या ,लूट, डकैती और रंगदारी सहित आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं. बता दे कि एटीएस से एनकाउंटर में अमन साव मारा गया था. 

    आस्तिक के इशारे पर धनबाद के किसी कारोबारी को डराने की योजना थी. लेकिन बरवा अड्डा पुलिस ने इसे विफल कर दिया. घटना करने के पहले ही गिरफ्तार कर लिया. साहिल शर्मा धनबाद में हीरापुर प्रोफेसर कॉलोनी का रहने वाला है. बरवा अड्डा पुलिस ने लोहार बरवा बाजार से पीछा कर खुदिया नदी पुल के पास साहिल को पकड़ा. सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव ने रविवार को बताया कि साहिल के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, 7 गोलियां, एक मोबाइल और एक पल्सर बाइक जब्त किया है. 

    पूछताछ में साहिल ने बताया है कि बंगाल के अलीपुरद्वार जेल में बंद देवघर शिवगंगा लेन निवासी आस्तिक पालीवाल ने जेल से फोन कर उसे धनबाद में रंगदारी के लिए व्यापारियों के ठिकाने पर फायरिंग करने और धमकाने का काम सौंपा था. आस्तिक ने ही उसे पिस्तौल और गोलियां दिलाई थी. जो भी हो, लेकिन धनबाद को संगठित गिरोह अपना चारागाह बनाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. 

    झारखंड या झारखंड से बाहर की जेल में बंद कुख्यात अपराधी नए गैंग की तैयारी के लिए नए-नए लड़कों को गैंग से जोड़ रहे हैं. अभी हाल ही में पुलिस ने प्रिंस गैंग के लिए काम करने वाले सात लड़कों को गिरफ्तार किया था. जिन में कई जमशेदपुर के भी थे.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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