जरूरी चीजों में जीएसटी कर लगाने के विरोध में माले ने निकाला मार्च, कहा- टैक्स का बोझ जनता पर लादना बंद करें मोदी सरकार

    जरूरी चीजों में जीएसटी कर लगाने के विरोध में माले ने निकाला मार्च, कहा-  टैक्स का बोझ जनता पर लादना बंद करें मोदी सरकार

    रांची (RANCHI): आवश्यक वस्तुओं में 5% जीएसटी लगाने के खिलाफ आज भाकपा माले रांची नगर कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी नारे लिखीं तख्तियां थामे हुए थे, वहीं नारे लगा रहे थे. खाद्य पदार्थों में टैक्स लादना बंद करो, अमीरों से यारी गरीबों से गद्दारी नहीं चलेगी, जानलेवा मंहगाई पर रोक लगाओ.  पार्टी कार्यलय से निकला मार्च अल्बर्ट एक्का चौक पहुंच सभा में बदल गया.

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    मौके पर माले राज्य कमेटी के सदस्य भुवनेश्वर केवट ने कहा कि खाद्य वस्तुओं में टैक्स आम आदमी पर सीधा हमला है. महंगाई विरोधी नारों के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार अपने ही वायदों के खिलाफ काम कर रही है. कोविड़ के दौर से ही लोगों का जीवन संकट में है उपर से  टैक्स पर टैक्स का बोझ आम आदमी के साथ विश्वासघात है. अमीरों से यारी गरीबों से गद्दारी नहीं चलेगी. महंगाई नहीं रुकी तो श्री लंका जैसी हलात देश में भी होंगे. बेहतर है समय से पहले सरकार गद्दी छोड़े.

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    भाकपा माले नगर कमिटी की सचिव नंदित्ता भट्टाचार्य ने कही कि सरकार अडानी और अंबानी की सेवक बन गई है. जो आम आदमी को बचत खाता खोलवा कर खुद  पॉकेटमारी करने पर तुली है. आजादी का अमृत वर्ष में अंग्रेजों के बाद मोदी सरकार की खाद्यान्न वस्तुओं पर टैक्स अमृत के बजाए  विष ही साबित होगा. सरकार 5% जीएसटी लगाने के फैसले को वापस नहीं लेती है तो भाकपा माले अपने संघर्ष को तेज करेगी. प्रदर्शन में राज्य कमिटी सदस्य मोहन दत्ता , सुषमा मेहता, मजदूर नेता भीम साहू , छात्र नेता तरुण राज सिंह, नसीम अंसारी, एपवा नेत्री आईती तिर्की सीनगी खलखो,  विश्वनाथ पंडित , राम टहल पंडित कई लोग शामिल थे.
              


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