धनबाद(DHANBAD): धनबाद नगर निगम का मेयर सीट सत्ता और विपक्ष के केंद्र में है. वैसे तो सभी निगम क्षेत्र में तनातनी चल रही है, लेकिन धनबाद का मामला कुछ खास है और यही वजह है कि धनबाद मेयर का सीट प्रतिष्ठा मूलक सीट बन गई है. लेकिन धनबाद का समीकरण भी कुछ अजीब है. एनडीए में "बिखराव" है तो महागठबंधन में "महाबिखराव" दिख रहा है. मेयर पद के उम्मीदवार के लिए भाजपा ने भी अपने कैंडिडेट को समर्थन दिया है तो आजसू भी दूसरे कैंडिडेट को सपोर्ट कर रही है. महागठबंधन में तो हाल ही कुछ अलग है.
कांग्रेस सपोर्टेड उम्मीदवार भी है, तो झामुमो के भी समर्थक उम्मीदवार हैं. कांग्रेस के उम्मीदवार के पक्ष में कांग्रेस के मंत्री दौरा कर रहे हैं, तो झामुमो समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में झामुम कोटे के मंत्री धनबाद का दौरा कर रहे है. धनबाद के मेयर चुनाव में अपराध की भी बात हो रही है. भाजपा इस चुनाव को अपराध से जोड़ रही है. जबकि वह भी जानती होगी कि अपराध से निगम का कोई लेना-देना नहीं हो सकता। निगम का दायरा सीमित है और वह इस दायरे में डेवलपमेंट कार्य करता है. फिर भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार हो अथवा भाजपा के बड़े नेता, चुनाव प्रचार में अपराध की चर्चा जरूर करते हैं.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू भी मंगलवार को कहा कि धनबाद में अपराधियों का तांडव चल रहा है. यहां जंगलराज लाने की कोशिश हो रही है. अपराधियों- रंगदारों के डर से डॉक्टर व्यवसायी धनबाद छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को सोचना होगा कि विकास चाहिए या जंगल राज. खैर, धनबाद निगम का चुनाव तो लोकसभा और विधानसभा चुनाव से भी एक कदम आगे निकल गया है. निगम क्षेत्र में प्रचार गाड़ियों की भरमार है तो इलाकों को होर्डिंग से पाट दिया गया है. वार्ड पार्षद तक के चुनाव लड़ने वाले गाड़ियों से प्रचार कर रहे हैं.
सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय नेता भी प्रचार में कूदने वाले हैं. ऐसे में आगे क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी। भाजपा को धनबाद में बागियों से मजबूत चुनौती मिल रही है. इस वजह से भी भाजपा सीरियस है. धनबाद के जिन बड़े -छोटे नेताओं ने उम्मीदवार के समर्थन की अनुशंसा की है. उनकी भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. भाजपा समर्थित उम्मीदवार यदि जीत नहीं पाया, तो आगे उनकी साख पर भी बट्टा लग सकता है. आगे उनकी बात पर प्रदेश नेतृत्व कितना भरोसा करेगा, यह सब चुनाव परिणाम ही तय कर सकता है. वैसे भाजपा के स्थानीय नेता मैदान में डटे हुए हैं. आरोप- प्रत्यारोप का दौर चल रहा है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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