धनबाद की "लाइफ लाइन" में ठेकेदारों को कोई इंटरेस्ट नहीं, पढ़िए क्या है वजह 

    धनबाद की "लाइफ लाइन" में ठेकेदारों को कोई इंटरेस्ट नहीं, पढ़िए क्या है वजह

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद की "लाइफ लाइन" गया पुल में  नए अंडरपास का मामला फिर कुछ दिनों के लिए टल गया है. कोई ठेकेदार ही रूचि नहीं ले रहे है. कई विभागों से अंडर स्टैंडिंग के बाद ही काम शुरू किया जा सकता है ,शायद  इसलिए ही ठेकेदार हिचक रहे है.  पिछले महीने अंडरपास के लिए टेंडर निकाला गया था..  8 अप्रैल को टेंडर खोलने की तिथि तय थी.  जब इसका टेंडर खोला गया तो पता चला कि एक भी संवेदक ने इसमें  टेंडर नहीं डाला है.  आचार संहिता लगने के कारण यह  मामला फिलहाल लटक गया है.  अब 4 जून के बाद ही फिर से विभाग नए सिरे से टेंडर निकाल पाएगा.  विभागीय सूत्रों के अनुसार  किसी भी संबेदक  ने पेपर नहीं डाला है. अब चुनाव के बाद फिर से टेंडर निकाला  जाएगा.  गया पुल  में नए अंडरपास के सिविल वर्क में 24 करोड़ 76 लाख  रुपए खर्च होने है.  इस योजना के लिए रेलवे की 2200 वर्ग फीट जमीन का अधिग्रहण भी किया जाना है. 

    जमीन  के बदले रेलवे को मिलेगा 6 करोड रुपए

     इसके एवज  में पथ निर्माण विभाग 6 करोड रुपए का भुगतान रेलवे को करेगा.   इस निर्माण में कुल 30 करोड़ 50 लाख से अधिक रुपए खर्च होंगे.  रेलवे से शटडाउन लेना भी इस काम के लिए एक बड़ी चुनौती है.  कई तकनीकी कारणों  से ठेकेदार इसमें रुचि नहीं दिखला रहे है.  गया पुल  में बनने वाला नया अंडरपास 12.5 मीटर चौड़ा और 40 मीटर लंबा होगा.  राइट्स कंपनी ने अपनी फीजिबिलिटी रिपोर्ट में बताया है कि यह 7.5 मीटर चौड़ा टू लेन होगा.  नया अंडरपास में 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ और एक मीटर ऊंची रेलिंग भी होगी.  जो भी हो लेकिन धनबाद के लिए यह  बहुत ही जरूरी है.  यह  धनबाद का जाम पॉइंट है.   लोग यहां से तभी गुजरते हैं ,जब उन्हें जरूरत पड़ती  है.  लंबे समय से यहां अंडर पास बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक यह  मांग पूरी  नहीं हुई है.  धनबाद से बाहर जाने के लिए लोगों को इसी अंडरपास का उपयोग करना पड़ता है.  इसे धनबाद की लाइफ लाइन भी कहा जाता है.  अब देखना होगा कि कब फिर से टेंडर होता है और काम शुरू होने में कितना वक्त लगता है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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