करोड़ों की लागत से बन रहे जल मीनार का निर्माण कार्य बीच में ही रुका, संवेदक ने लगाया दबाव बनाने का आरोप

    गुमला(GUMLA): जिले में पेयजल की लगातार समस्या देखने मिलती है. जब समस्या बढ़ती गई तो इसके समाधान के लिए घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित चांदनी चौक के पास करोड़ों रुपए की लागत से जल मीनार का निर्माण शुरू किया गया. लोगों को लग रहा था कि इस जल मीनार के बनने से उनकी पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी. मगर, ऐसा हुआ नहीं. करोड़ों की लागत से बनने वाले इस जल मीनार का निर्माण कार्य अचानक बंद कर दिया गया. निर्माण कार्य बंद हो जाने के बाद जनप्रतिनिधि जिला परिषद सदस्य सतवंती देवी और घाघरा प्रखंड के उप प्रमुख शिवा देवी ने जाकर योजना स्थल पर पूरे मामले की छानबीन की.

    दोषी लोगों पर हो कार्रवाई

    इस दरमियान दोनों ही जनप्रतिनिधि ने सामूहिक रूप से कहा कि घाघरा पंचायत में पेयजल की भारी समस्या है. लगभग 2 हजार घरों में पानी की सप्लाई महीनों से बंद है. पेयजल के लिए लोगों के बीच त्राहि-त्राहि की स्थिति बनी हुई है. जल मीनार बनकर तैयार होगा तो निश्चित रूप से लोगों को घर में पानी पीने के लिए सुविधा मिलेगी, लेकिन किन कारणों से जल मीनार का निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया है, कार्य क्यों नहीं शुरू कराया जा रहा है. इससे काफी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने उपायुक्त गुमला से मांग की है कि पूरे मामले की जांच करते हुए निर्माण कार्य रुकवाने वाले लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करें. इसके साथ ही जल मीनार का निर्माण कार्य को पूरा करा कर लोगों को पेयजल की सुविधा मुहैया कराए.

    संवेदक पर बनाया जा रहा था दबाव

    बता दें कि जल मीनार का कार्य को शुरू करा कर मीनार बनाने का काम किया जा रहा था. लेकिन अचानक ही निर्माण कार्य को संवेदक के द्वारा बंद कर दिया गया. संवेदक का कहना है कि काम बंद करने के लिए कई लोगों द्वारा दबाव बनाया जा रहा था. इसे लेकर के संवेदक ने उपायुक्त को पूरे मामले से अवगत करा दिया है. इस मौके पर मुख्य रूप से भाजयुमो अध्यक्ष आशीष सोनी, भाजपा नेता अमित ठाकुर, रवि पहान सहित कई लोग मौजूद थे.

    रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला  


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