Jharkhand Congress: 450 के सिलिंडर में कैसे फंस गई है कांग्रेस, भाजपा क्यों जोड़ रही राहुल गांधी से, पढ़िए  

    Jharkhand Congress: 450 के सिलिंडर में कैसे फंस गई है कांग्रेस, भाजपा क्यों जोड़ रही राहुल गांधी से, पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में कांग्रेस कोटे के वित्त मंत्री है. लेकिन 450 रुपए में सिलेंडर को लेकर कांग्रेस फंस  गई है.  मुख्यमंत्री मं ई यां  सम्मान योजना का भुगतान तो मेगा इवेंट में हो गया.  लेकिन अब भाजपा 450 रुपए में सिलेंडर और धान खरीद को लेकर गठबंधन की सरकार को घेर रही है.  वैसे वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा है कि यह कांग्रेस पार्टी की घोषणा पत्र में शामिल है.  पार्टियां  चुनाव से पूर्व अपने उद्देश्य और योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाती है.  यह कांग्रेस पार्टी की घोषणा थी.  हम भी उसी पार्टी से है.  इस विषय पर इंडिया गठबंधन के प्लेटफार्म पर चर्चा होगी.  इंडिया गठबंधन में तय होने के बाद ही इसे लागू किया जा सकता है. 

    लोग कह रहे -मामला सीधे जुड़ा है राहुल गांधी से 
     
    हालांकि भाजपा के एक बड़े नेता का कहना है कि यह तो सीधे मामला राहुल गांधी से जुड़ा हुआ है.  चुकि  कांग्रेस का घोषणा पत्र तो केंद्रीय नेतृत्व ही फाइनल किया था.  भुगतान की जिम्मेवारी जितनी राज्य इकाई की  है, उससे कहीं अधिक केंद्रीय नेतृत्व को केंद्रीय नेतृत्व की होनी चाहिए.  इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे केवल सत्ता हासिल करने का साधन बनकर रह जाए, तो यह न केवल जनादेश का अपमान है.  बल्कि जनता के भरोसे के साथ धोखा  भी है. जब इंडिया गठबंधन ने 450 रुपए में गैस सिलेंडर और ₹3200 प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था.  तब जनता ने इसे अपने भविष्य की उम्मीद के तौर पर देखा था. 

    अब हेमंत सरकार के मंत्री कर रहे बहानेबाजी 
     
    अब जब हेमंत सरकार से इन बातों को पूरा करने की मांग की जा रही है, तो सरकार के मंत्री बहाने बना रहे है.  उन्होंने यह भी कहा कि जनता समझने लगी है कि 5 लाख सालाना नौकरी की तरह ₹450 में गैस सिलेंडर देने का वादा भी केवल सत्ता प्राप्ति का एक प्रपंच  था.  जो भी हो, लेकिन इससे कांग्रेस की किरकिरी होनी  शुरू हो गई है.  यह  पूरा मामला कांग्रेस आलाकमान से जुड़ गया है.  भाजपा को राजनीतिक हमले करने का एक मौका मिल गया है.  दूसरी ओर गठबंधन की प्रचंड बहुमत के बाद लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सस्ते सिलेंडर भी लोगों को मिलने लगेंगे.  अब देखना है कि यह पूरा मामला राहुल गांधी के दरबार में पहुंचता है या राज्य इकाई ही इस पर फैसला लेती है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो