Coal World: कोयला कंपनियों को क्या है झारखंड सरकार का नोटिस, भुगतान नहीं मिला तो आगे क्या होगा!

    Coal World: कोयला कंपनियों को क्या है झारखंड सरकार का नोटिस, भुगतान नहीं मिला तो आगे क्या होगा!

    धनबाद(DHANBAD):  झारखंड में संचालित कोयला कंपनियों पर सर्टिफिकेट केस  का खतरा बढ़ गया है.  अगर वह राज्य सरकार के डिमांड के मुताबिक  समय पर  भुगतान नहीं किया तो सर्टिफिकेट केस  भी हो सकता है.  इसको लेकर कोयला मंत्रालय और झारखंड सरकार में कानूनी लड़ाई भी शुरू हो सकती    
    है. सूत्र बताते हैं कि कोयला कंपनियों पर राज्य सरकार ने राजस्व वसूली का दबाव बढ़ा दिया है.  सूत्रों के अनुसार नोटिस भेज दी गई है.  धनबाद में संचालित बीसीसीएल और ईसीएल  की कोलियरियों को नोटिस थमाया गया है.  

    कोयला कंपनियों को पन्द्रह  दिनों में भुगतान का अल्टीमेटम

    कहा गया है कि 15 दिनों के भीतर राशि जमा कर दें अन्यथा सर्टिफिकेट केस  होगा।  आरोप  लगा है कि कंपनियां अनुमति से अधिक जगह में 10 सालों के बीच कोयला उत्खनन किया है.  अब इन कंपनियों से लगभग 18 करोड़ की रकम  वसूल करने की तैयारी है.  बीसीसीएल को सबसे अधिक भुगतान करना है.   सूत्र दावा कर रहे हैं कि सेल की चासनाला  कोलियरी और टाटा स्टील लिमिटेड की तीन कोलियरियों  को भी नोटिस जारी किया गया है.  राज्य सरकार ने जिला खनन पदाधिकारी और सहायक खनन पदाधिकारी को इसके लिए अधिकृत किया है.  सूत्र बताते हैं कि इस मामले में कोयला कंपनियों का पक्ष भी सुना गया है.  सुनवाई  दिसंबर तक चली, उसके बाद नोटिस देकर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी है. 

    राशि जमा नहीं करने पर आगे की क्या है तैयारी 
     
    कोयला कंपनियां  अगर राशि जमा नहीं करती हैं , तो सर्टिफिकेट केस  भी दर्ज किया जा सकता है.  जानकारी के अनुसार कोयला कंपनियों को नोटिस मिल गया है और कोयला कंपनियां  भी कानूनी लड़ाई के लिए तैयारी कर रही हैं.  कोयला कंपनियों का कहना है कि पूरे मामले को लेकर कोयला मंत्रालय से विमर्श किया जाएगा।  उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  यहां बताना जरूरी है कि झारखंड में कोल इंडिया की तीन कंपनियां संचालित हैं.  बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल , देखना है इस मामले में आगे -आगे होता क्या है?

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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