धनबाद में कोयले का खेल!अब ईडी जब्त दस्तावेज के आधार पर कसेगी शिकंजा,रडार पर कई चेहरे  

    धनबाद में कोयले का खेल!अब ईडी जब्त दस्तावेज के आधार पर कसेगी शिकंजा,रडार पर कई चेहरे

    रांची(RANCHI): झारखंड में फिर से एक बार ईडी यानि प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. धनबाद में सिंडीकेट बना कर कोयला से करोड़ों रुपये कामने वालों के ठिकाने पर रेड की और अब शिकंजा कसने  की तैयारी है. जब्त दस्तावेज और डिजिटल गैजेट्स के आधार पर ईडी आगे की रणनीति पर काम कर रही है. सूत्रों की माने तो कोयला कारोबारियों के ठिकाने से बरामद दस्तावेजों में कई सफेदपोश और नौकरशाह के नाम सामने आए है. जिन्हे जल्द समन कर पूछताछ के लिए ईडी बुला सकती है. रांची क्षेत्रीय कार्यालय के साथ बंगाल ईडी की टीम पूरी कार्रवाई की समीक्षा कर रही है.        

    बता दे कि धनबाद से लेकर दुमका और बंगाल तक शुक्रवार को 40 जगहों  पर रेड हुई. इस रेड से पहले झारखंड में  चार ECIR यानि (Enforcement Case Information Report) दर्ज करने के बाद कार्रवाई की गई है.  कोयला और बालू तस्करी के अलग-अलग मामलों में दर्ज पूर्व के कांडों को जोड़कर चार ECIR   दर्ज की गई है.  इन चार ECIR  में अनिल गोयल, एल बी सिंह, संजय खेमका और अमर मंडल आरोपी है.  

    कहा जा रहा है कि अनिल गोयल, एल्बी सिंह, संजय खेमका और अमर मण्डल मेन कड़ी है. लेकिन इसमें अभी और भी कई नाम शामिल हो सकते है. ईडी भी यह मान कर चल रही है कि करोड़ों के खेल में एक बड़ा सिंडीकेट काम कर रहा है. इसमें कई सफेदपोश और नौकरशाह भी ईडी की रडार पर आएंगे. पूरे मामले में धनबाद से दुमका और बंगाल तक कड़ी को जोड़ कर देखने में कई नाम सामने आएंगे. कैसे धनबाद में खेल शुरू कर उसे बंगाल तक अंजाम दिया जाता है. यानि खदान से लेकर मंडी तक पूरी व्यवस्था कायम की गई. जिसके जरिए कही भी कोई दिक्कत ना आए.

    सवालों के घेरे में धनबाद CISF से लेकर पुलिस भी है. शहर से इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर कोयला बाहर भेजा जर हा है. इसके बावजूद आँख बंद कर बैठे रहना कई सवाल को जन्म दे रहा है.        

    ईडी  की छापेमारी में सूत्र बताते हैं कि अमर मंडल के घर से 80 लाख, अनिल गोयल के ठिकाने से 80 लाख से अधिक नगदी बरामद किए गए है.  सूत्र यह भी  बताते हैं कि रांची की ईडी  टीम ने कुल 2.20 करोड़ नगदी बरामद की है.  वही कोलकाता ईडी  ने नरेंद्र खरका, युधिष्ठिर घोष, कृष्ण मुरारी कयाल , चिन्मय मंडल, राजकिशोर यादव के ठिकाने से छापेमारी में 8 करोड रुपए नगदी बरामद किया है. 

    जानकारी के अनुसार चिरकुंडा चेक पोस्ट से सटे कोयला कारोबारी विनोद महतो के कार्यालय और चिरकुंडा के उनके आवास से टीम को नगदी और जमीन के कागजात मिले है.  उसके बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई है.  हार्डकोक  कारोबारी  दीपक पोद्दार परिवार के  सदस्यों के साथ अयोध्या गए हुए है.  उनके घर पर पुत्र और बहू थी.  ईडी  को उनके घर के चार कमरों और कवर्ड आदि की चाबी पाने  में परेशानी उठानी पड़ी.  कोयला कारोबार से जुड़े लोगों ने इतनी बड़ी छापेमारी की बात कभी सोची  नहीं होगी.  

    जानकार बताते हैं कि ईडी  की शुक्रवार को  झारखंड और बंगाल में कार्रवाई कोकिंग कोयले की चोरी और तस्करी को लेकर की गई है. बता दे कि कोकिंग कोल  की अधिक स्मगलिंग होती है. ज्यादा हिट वैल्यू के कारण यह   महंगा और बहुत उपयोगी होता है.  स्टील सेक्टर, हार्डकोक उद्योग  में कोकिंग कोल  का ही उपयोग किया जाता है. कोकिंग कोयले की अवैध खनन और स्मगलिंग में संगठित गिरोह  सक्रिय है, इस बात की पुष्टि पहले भी हो चुकी है. 

    अब झारखंड में इस खेल में शामिल सिंडीकेट को तोड़ने का काम ईडी करेगी. बड़े पैमाने पर राज्य से अवैध खनन कर करोड़ों रुपये अर्जित किए गए है. जिनपर ईडी की कड़ी नजर है. आने वाले दिनों में और भी ठिकानों पर रेड देखने को मिल सकती है. साथ ही अगले कुछ दिनों में कई लोग ईडी दफ्तर की दौड़ लगाते दिखेंगे.     



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