कोयला अधिकारी पायेंगे महारत्न कंपनी का पे स्केल, इधर धनबाद के कोयला ऑफिसर सुरक्षा मांगने घूम रहे द्वारे द्वारे

    कोयला अधिकारी पायेंगे महारत्न कंपनी का पे स्केल, इधर धनबाद के कोयला ऑफिसर सुरक्षा मांगने घूम रहे द्वारे द्वारे

    धनबाद(DHANBAD): कोयला अधिकारियों के लिए शुक्रवार का दिन शुभ संकेत लेकर आया. उन्हें महारत्न कंपनी का पे स्केल अब मिल सकता है. इससे वह सिर्फ एक कदम पीछे हैं. शुक्रवार को कोलकाता स्थित कोल इंडिया मैनेजमेंट और कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया अपेक्स बॉडी की बैठक में इस बात पर सहमति बन गई है. बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल कर रहे थे. कोयला अधिकारियों के अन्य लंबित मांगों पर भी चर्चा हुई. कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वेतन विसंगति का मामला उठाया और कोयला अधिकारियों को महारत्न कंपनी का पे स्केल लागू करने की मांग की. जिस पर कोल इंडिया प्रबंधन सहमति जताई. कोलफील्ड भत्ता देने पर भी सहमति बनी. हालांकि भुगतान की प्रक्रिया तभी शुरू हो सकती है जब कोयला मंत्रालय इसे मंजूर करेगा. कोल इंडिया अब प्रस्ताव कोयला मंत्रालय को भेजेगा. यह तो हुई कोयला अधिकारियों के लिए सुखद क्षण की बात लेकिन उसी शुक्रवार को धनबाद कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल धनबाद के उपायुक्त से मुलाकात की और सुरक्षा की गुहार लगाई.

    f.i.r. करने के बाद भी पुलिस नहीं करती कार्रवाई 

    कोयला अधिकारी सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ओझा पिटाई के विरोध में कार्रवाई की मांग करने उपायुक्त के पास पहुंचे थे. कोयला चोरों ने अनिल कुमार ओझा की पिटाई कर दी थी. 2 किलोमीटर तक भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई. फिलहाल कोलकाता में उनका इलाज चल रहा है. प्रतिनिधिमंडल की शिकायत थी कि हाल के दिनों में कई कोयला अफसरों पर हमले हुए हैं .f.i.r. के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती. प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को अधिकारियों के नाम और घटनास्थल की सूची भी बताई. उपायुक्त ने भरोसा दिया है कि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल कोयलांचल में कोयला तस्करों की हिंसक कार्रवाई से कोयला अधिकारियों में भय का माहौल है. कोयला चोर समानांतर व्यवस्था चला रहे है. अपने आगे किसी को नहीं लगाते. नतीजा होता है कि रोज कहीं ना कहीं घटनाएं हो रही हैं.

    कोयला चोर बेपरवाह

    कोयला अधिकारी अभी हाल ही में बीसीसीएल के सीएमडी से भी मुलाकात की थी और सुरक्षा मांगी थी. बीसीसीएल में अभी 90% से अधिक कोयले का उत्पादन आउटसोर्सिंग कंपनियों के जरिए हो रहा है. आउट सोर्स कंपनियों से भी कोयला चोरी की लगातार शिकायतें मिल रही है. बीसीसीएल मैनेजमेंट ने अभी हाल ही में सुरक्षा ऑडिट कराया. सुरक्षा ऑडिट में एनआईटी की शर्तों की अनदेखी करने का खुलासा हुआ. कोयला अधिकारियों का कहना है कि वह करे भी तो क्या करें. कोयला चोर बेपरवाह हो गए हैं. f.i.r. करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती .ऐसे में उनकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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