सरायकेला में खुलेआम चल रहा है कोयला, आयरन और स्टील की कार्टिंग, पढ़ें प्रशासन के मिलीभगत के आरोप में कितनी है सच्चाई  

    सरायकेला में खुलेआम चल रहा है कोयला, आयरन और स्टील की कार्टिंग, पढ़ें प्रशासन के मिलीभगत के आरोप में कितनी है सच्चाई
    सरायकेला खरसावां जिले में कोयला माफिया का बड़ा खेल चल रहा है.चांडिल के दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, गज परियोजना और ईको सेंसेटिव जॉन क्षेत्र की तराई एनएच 33 टाटा रांची हाइवे मुख्य राज्य मार्ग स्थित आसनवनी ओर रामगढ़ एलिफेंट कॉरिडोर करोड़ों रुपये लागत बने प्लाई ओवर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से स्क्रैप टाल का संचालन हो रहा है, जिससे एलिफेंट कॉरिडोर से हाथियों का झुंड ड्राईवेट होकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पलायन करने लगा है.

    सरायकेला(SARAIKELA):सरायकेला खरसावां जिले में कोयला माफिया का बड़ा खेल चल रहा है.चांडिल के दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, गज परियोजना और ईको सेंसेटिव जॉन क्षेत्र की तराई एनएच 33 टाटा रांची हाइवे मुख्य राज्य मार्ग स्थित आसनवनी ओर रामगढ़ एलिफेंट कॉरिडोर करोड़ों रुपये लागत बने प्लाई ओवर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से स्क्रैप टाल का संचालन हो रहा है, जिससे एलिफेंट कॉरिडोर से हाथियों का झुंड ड्राईवेट होकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पलायन करने लगा है.

    खुलेआम चल रहा है कोयला, आयरन, स्टील की कार्टिंग

    जमशेदपुर शहरी क्षेत्र से आकर स्क्रैप माफिया द्वारा धड़ल्ले से बड़े बड़े कम्पनियों जैसे पश्चिम बंगाल जा रहे कोयला, आयरन स्टील, लोहे की रॉड आदि सामग्री का कार्टिंग करते है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से यह काला कारोबार फल-फूल रहा है. चांडिल थाना क्षेत्र के दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी,गज परियोजना ओर ईको सेंसेटिव जॉन क्षेत्र की तराई एनएच 33 टाटा रांची हाइवे मुख्य राज्य मार्ग स्थित रामगढ़ एलिफेंट कॉरिडोर करोड़ों रुपया लगत बने प्लाई ओवर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से स्क्रैप टाल का संचालक होने से एलिफेंट कॉरिडोर से गजों का झुंड ड्राईवेट होकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पलायन करने लगा.जमशेदपुर शहरी क्षेत्र के स्क्रैप माफिया द्वारा धड़ल्ले से विभिन्न कम्पनियों जा रहे ट्रिपटेलर गाड़ी से पश्चिम बंगाल जा रहे कोयला, आयरन स्टील ,लोहे की रॉड आदि सामग्री का कार्टिंग करते है.इनके संरक्षण में खुलेआम दिन की उजाले में काला कारोबार फल फूल रहा है.

    कोयला का काला कारोबार धरल्ले से हो रहा है

     सलमा सेंचुरी के ईको सेंसेटिव जॉन के रामगढ़ ओर आसनबनी टाटा रांची हाइवे एनएच 33 स्थित किनारे कोयला का काला कारोबार धरल्ले से हो रहा है. आपको बता दे की चांडिल थाना अंतर्गत हड्डी गोदाम के समीप दलमा सेंचुरी पहाड़ से सटे हुए वेयरहाउस में कोयला और आयरन और का कारोबार फल फूल रहा है.सूत्रों की माने तो स्थानीय पुलिस के मिली भगत से कोयला माफिया धनबाद रामगढ़ और उड़ीसा से कोयला टिप्ट्रेलर गाड़ी से कार्टिंग करके करोड़ों रुपया का खेल कर रहा है.वैसे कोयला माफिया कैमरा देखते ही फरार हो गया हालांकि गाड़ी का ड्राइवर से बात करने की कोशिश की कहां से कोयला लेकर आया है वह सिर्फ उड़ीसा के बाद करता रहा लेकिन ना तो पेपर दिखाया और ना ही पुख्ता सबूत की बात कर रहा था वैसे जिस जगह पर कोयला का काला कारोबार हो रहा है या पहाड़ी इलाका है इस जगह पर आम आदमी नहीं पहुंच सकता.

    पढ़ें एसडीपीओ ने क्या कहा

      हालांकि इस मामले में जब हमने एसडीपीओ से बात की तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि गलत काम करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.अब सवाल यह उठना है की कानूनी कार्रवाई कौन करेगा, क्योंकि कोयला माफिया को मस्त है अपने काला कारोबार में।सवाल यह उठते है जहाँ हाथी आवाजाही करते है उस जगह पर बड़े पैमाने से चल रहा है इस पर कार्रवाई चांडिल अंचल पदाधिकारी न जिला प्रशासन तथा दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के ईको सेंसेटिव जॉन के दरिया में बसे कोई बड़े बड़े कम्पनियों कैसे बसे इसका भी जांच होना चाहिए.आज हाथी की विचरण जगह दिन प्रति दिन कम होते जा रहा है.इस संबंध में कोई पदाधिकारी बताने में असमर्थ जाहिर किया गया.

    रिपोर्ट-वीरेंद्र मंडल


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news