Coal India : कोयलाकर्मियों को इस तिमाही अधिकतम 3 हजार का क्यों होगा फ़ायदा,पढ़िए डिटेल्स में

    Coal India : कोयलाकर्मियों को इस तिमाही अधिकतम 3 हजार का क्यों होगा फ़ायदा,पढ़िए डिटेल्स में

    धनबाद(DHANBAD): कोयलाकर्मियों को दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक 20.01% की दर से महंगाई भत्ते का भुगतान होगा.  ऐसा इसलिए होगा कि कोयला कंपनी  में महंगाई भत्ते में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.  कोल इंडिया के महाप्रबंधक ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.  जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ते में 2.20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है.  एक आकलन के अनुसार न्यूनतम 255 रुपए और अधिकतम ₹3000 की बढ़ोतरी पिछली तिमाही से हो सकती है.  हालांकि यूनियन के नेता इससे सहमत नहीं है.  उनका कहना है कि महंगाई की रफ्तार को देखते हुए महंगाई भत्ता  अधिक होनी चाहिए.  

    यूनियनों ने गणना के फॉर्मूले पर उठाया है सवाल 

    यूनियनों ने महंगाई दर का लेखा-जोखा करने वाले फार्मूले पर सवाल उठाते हुए इसमें संशोधन करने की मांग की है.  विभिन्न मजदूर संगठनों की ओर से लगातार महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग की जा रही थी.  यह अलग बात है कि कोल्  इंडिया में रेगुलर कर्मचारियों की संख्या दिन - प्रतिदिन घट रही है.  नई नियुक्तियां लगभग नहीं के बराबर हो रही है.  यह बात जरूर है कि कोल इंडिया में उत्पादन का ग्राफ बढ़ा  है, लेकिन यह सब आउटसोर्स कंपनियों के भरोसे हो रहा है.  समूचे देश में कुल 14  निजी कोयला ब्लॉक का आवंटन हुआ हुआ है.  उनमे  10 केवल झारखंड में है.  झारखंड को सेस  और डीएमएफटी फंड में  अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी.  सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अब 50 साल की हो गई है. 

    पहली  नवंबर" 2024 को कोल् इंडिया के गठन के 50 साल पूरे हो गए
     
    पहली  नवंबर" 2024 को इस कंपनी के गठन के 50 साल पूरे हो गए है.  इस कंपनी को महारत्न कोयला कंपनी का भी दर्जा प्राप्त है.  यह बात भी सच है कि 1975 में, जहां कोल इंडिया का उत्पादन लगभग 90 मिलियन टन था.  वही 2024 में इस कंपनी का उत्पादन 775 मिलियन टन  के करीब पहुंच गया है.  कोल इंडिया से उत्पादित कोयले की आपूर्ति कोयला आधारित बिजली संयंत्र को 80% के लगभग होती है.  यह अलग बात है कि कोल्  इंडिया का उत्पादन कई गुना अधिक हो गया है.  लेकिन लोगों को टीस देनेवाली बात यह है कि कोयला उद्योगों के राष्ट्रीयकरण के समय कर्मचारियों की संख्या जहां लगभग 6. 50 लाख थी , वही आज लगभग सवा दो लाख कर्मचारी ही कंपनी में रह गए है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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