COAL INDIA: पढ़िए -कर्मचारियों की अब हाउसिंग एडवांस में कैसे होने वाली है बल्ले -बल्ले

    COAL INDIA: पढ़िए -कर्मचारियों की अब हाउसिंग एडवांस में कैसे होने वाली है बल्ले -बल्ले

    धनबाद(DHANBAD):  देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया के कर्मचारियों की अब बल्ले बल्ले होने वाली है.  यह बात अलग है कि अभी यह मसौदा ड्राफ्ट है, कोल इंडिया बोर्ड से पारित होने के बाद ही यह नियम बन सकता है.  लेकिन फाइल अब सरकने लगेगी.  बहुत जल्द इस पर निर्णय हो सकता है.  जानकारी के अनुसार सब कुछ अगर ठीक-ठाक रहा तो घर बनाने के लिए कोल इंडिया के कर्मचारियों को 30 लाख  रुपए तक का एडवांस मिल सकता है.  अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी.  यह पहली बार होगा, जब कोल इंडिया के कर्मचारियों को इतनी राशि बतौर अग्रिम घर बनाने के लिए दी जाएगी.  

    नाग पुर की बैठक में तैयार हुआ है प्रस्ताव 

    कोल इंडिया वेलफेयर बोर्ड की बैठक नागपुर में हुई थी.  इसी बैठक में इस बात पर सहमति बनी है.  इस बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया के कार्मिक निदेशक ने की थी.   वह 30 लाख  रुपए तक हाउस बिल्डिंग एडवांस देने पर सहमत हो गए है.  कहा जा सकता है कि कोयलाकर्मी अब घर बनाने के लिए 30 लाख  रुपए तक एडवांस ले सकेंगे.  फिलहाल यह सुविधा  कोल इंडिया के कर्मचारियों को नहीं थी.  इसके अलावा बैठक में मेडिकल अटेंडेंट  रूल में भी बदलाव करने,  मेडिकल रीइंबर्समेंट की विस्तृत जानकारी देने पर लगभग सहमति बन गई है.  अब सभी रिटायर्ड कोल्  कर्मियों का भी स्मार्ट कार्ड बनेगा.  इसमें कर्मचारियों के बारे में पूरी जानकारी  रहेगी. 

    चिकित्सा के लिए अटेंडेट की सुविधा में भी होगा बदलाव 

    पहले चिकित्सा के लिए अटेंडेट  को कर्मचारियों की तरह सुविधा नहीं मिलती थी, परंतु अब उन्हें कर्मचारियों की तरह सुविधा मिलेगी.  कंपनी के कई अस्पतालों में अटेंडेंट को आसपास में रहने की सुविधा मिलती थी.  परंतु अब यह सुविधा उन्हें वहीं मिलेगी.  महत्वपूर्ण निर्णय यह  हुआ कि सभी कोल्  कंपनियों में वेलफेयर मेडिकल खेलकूद आदि की अपडेट  स्थिति के निरीक्षण को लेकर कमेटी बनाई जाएगी.  इस कमेटी में मजदूर संगठन के लोग और कंपनी के अधिकारी मौजूद रहेंगे. 

    बोर्ड की बैठक के बाद बनेगा नियम 
     
    यह  अलग बात है कि यह अभी ड्राफ्ट प्रस्ताव है ,लेकिन पूरी संभावना है कि बोर्ड की बैठक में यह  पारित हो जाएगा और उसके बाद कर्मचारियों को भी इसकी सुविधा मिलने लगेगी.  यह  बात अलग है कि कोल्  इंडिया अब धीरे-धीरे निजीकरण की ओर बढ़ रहा है.  प्राइवेट प्लेयर्स बढ़ रहे हैं और कंपनी सिकुड़ रही है.  बावजूद हाल के दिनों में कई ताबड़तोड़ निर्णय लिए गए हैं, जो कर्मचारी और अधिकारी हित में कहे जा सकते है.  कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी में भी लचीला रुख हथियार किया गया है तो अधिकारियों के आश्रितों को भी नौकरी देने में लचीलापन अपनाया गया है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



    Related News