धनबाद(DHANBAD); देश ही नहीं बल्कि विदेश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड का उत्पादन घट गया है. अप्रैल में कंपनी का कोयला उत्पादन 9.7% घटा है. ऐसे समय में कोयला उत्पादन में गिरावट आई है, जब बिजली की मांग गर्मी की वजह से रिकॉर्ड स्तर पर है. गर्मी की वजह से बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. पीक आवर में बिजली की डिमांड बढ़ गई है. ऐसे में कोयले की कमी से थर्मल पावर पर दबाव बढ़ सकता है.
भारत में 70% बिजली उत्पादन कोयले पर निर्भर
उल्लेखनीय है कि भारत में 70% बिजली उत्पादन कोयले पर निर्भर है. ऐसे में कोल् इंडिया लिमिटेड के उत्पादन में गिरावट का सीधा असर पूरे पावर सेक्टर पर पड़ सकता है. कोल इंडिया का अकेले देश के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 80% की हिस्सेदारी है. बताया जाता है कि केवल प्रोडक्शन ही नहीं बल्कि बिक्री में भी गिरावट दर्ज की गई है .
पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा
अप्रैल महीने में कोल् इंडिया की बिक्री दो प्रतिशत घट गई है. इसका मतलब है कि सप्लाई चेन में दबाव बढ़ रहा है. कोल इंडिया की कई सहायक कंपनियों का उत्पादन भी घटा है. सूत्रों के अनुसार सिर्फ अप्रैल ही नहीं बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा है. उल्लेखनीय है कि कोल् इंडिया लिमिटेड फिलहाल दबाव में है. प्राइवेट प्लेयर्स के एंट्री की वजह से कंपनी पर दबाव बढ़ रहा है. यह अलग बात है कि बहुत सारे पावर प्लांट्स को कोयला ब्लॉक मिला हुआ है और वह अपने उत्पादित कोयले से बिजली का उत्पादन कर रहे हैं, बावजूद अभी बिजली उत्पादन में कोयले का डिमांड सर्वाधिक है.

