धनबाद(DHANBAD) : देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया अपनी दो प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार बेच रही है. इस वजह से कोल इंडिया के शेयर एक बार फिर सुर्खियों में है. सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल लॉन्च किया है. इसके बाद रिटेल निवेशकों को शुक्रवार से शेयर खरीदने का मौका मिल सकता है. सरकार शेयर 412 रुपए के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है.
गैर रिटेल निवेशकों ने दिखाई है दिलचस्पी
जानकारी के अनुसार कोल इंडिया का ऑफर फॉर सेल गैर रिटेल निवेशकों के लिए बुधवार को खुला था. इसे अच्छा रिस्पांस मिला। ऑफर फॉर सेल में 19000 करोड़ की बोलियां आई. सरकार लगभग 12.32 करोड़ शेयर यानी अपनी दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि कोल इंडिया केवल एक पीएसयू नहीं बल्कि भारत की बढ़ती बिजली जरूरत को पूरा करने का अहम हिस्सा है. जानकारी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का यह दूसरा ऑफर फॉर सेल निकला है. पिछले सप्ताह सरकार ने ऑफर फॉर सेल के माध्यम से सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में हिस्सेदारी बेचकर 2266 करोड़ रुपए जुटाए थे.
1 975 में बनी थी होल्डिंग कंपनी कोल् इंडिया
भारत सरकार वर्तमान में कोल इंडिया के प्रमोटर बनी हुई है और पब्लिक सेक्टर कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर अपनी विनिवेश नीति जारी रखे हुए है. यह नया ऑफर फॉर सेल ऐसे समय में आया है जब कोल इंडिया ने स्थिर फाइनेंशियल और ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया है. दरअसल, कोल इंडिया एक महारत्न कंपनी है और कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद इसका गठन हुआ था. बता दे कि कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण की शुरुआत 1971 में हुई, सबसे पहले 1971 में कोकिंग कोयले के खदानों का राष्ट्रीयकरण हुआ. फिर 1973 में गैर क्योकिंग कोल् खदानों का राष्ट्रीयकरण किया गया. फिर 1975 में होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया का गठन हुआ.

