Coal India : कंपनी में कार्यरत नियमित -ठेका कर्मियों के लिए  हुआ  बहुत बड़ा निर्णय, पढ़िए क्या है डिसीजन

    Coal India : कंपनी में कार्यरत नियमित -ठेका कर्मियों के लिए  हुआ  बहुत बड़ा निर्णय, पढ़िए क्या है डिसीजन

    धनबाद(DHANBAD):  कोल इंडिया में एक बड़ा निर्णय हुआ है.  इसकी घोषणा केंद्रीय कोयला मंत्री ने की है.  अब नियमित कर्मचारी अथवा ठेका कर्मचारी की कोयला खनन के दौरान अगर दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो जाती है, तो उनके परिजनों को सीधे 25 लाख  रुपए का भुगतान होगा.  फिलहाल कोल इंडिया में 44,000 ठेका कर्मी रजिस्टर्ड है, जबकि नियमित कर्मचारियों की संख्या 2.15 लाख बताई गई है.  देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया में अब कोयला खनन के दौरान मजदूर की मौत होने पर 25 लाख  रुपए की अनुग्रह राशि मिलेगी.  इसकी शुरुआत हो गई है. 

    अनुग्रह राशि 15 लाख से बढ़ाकर  25 लाख कर दी गई है
     
    केंद्रीय कोयला मंत्री ने कोल इंडिया के कर्मचारियों के लिए नई वर्दी, कॉर्पोरेट वेतन पैकेज और बढ़ी  हुई अनुग्रह राशि की शुरुआत कर दी है.  कोल इंडिया की पहल पर खान दुर्घटना में मृत्यु पर अनुग्रह राशि 15 लाख से बढ़ाकर  25 लाख कर दी गई है.  कॉर्पोरेट वेतन पैकेज के तहत नियमित कर्मचारियों के लिए एक करोड़ और ठेका कर्मचारियों के लिए 40 लाख का बीमा कवरेज प्रदान  किया जाता है. 

    फिलहाल कोल इंडिया में 44000 ठेका कर्मी निबंधित है 

     फिलहाल कोल इंडिया में 2.  15 लाख से अधिक नियमित कर्मचारी और 44000 ठेका कर्मी पहले से ही नामांकित है.  बताया गया है की नई वर्दी कोल इंडिया कर्मियों के बीच एक पहचान, व्यवसायिकता और सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देगी.  कोयला मंत्री ने कहा है कि कोल्  इंडिया ने अपनी वी  केयर की  पहल  के तहत खदान दुर्घटना में होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में देय  अनुग्रह राशि को 15 लाख से बढ़ाकर  25 लाख कर दिया  है.  यह बढ़ी हुई मुआवजा राशि नियमित कर्मचारियों और ठेका कर्मचारी दोनों को समान रूप से मिलेगी.  

    मृतकों के परिवार को होगा सीधे भुगतान 

    मृतकों के परिवारों को इसका सीधे भुगतान किया जाएगा.  यह अलग बात है कि राष्ट्रीयकरण के समय कोल इंडिया में नियमित कोयला मजदूरों की संख्या अधिक थी.  लेकिन जब से कोयला खनन के कार्य में आउटसोर्सिंग कंपनियों का प्रवेश हुआ है, नई बहाली लगभग बंद है और ठेका कर्मचारियों  के कंधे पर एक तरह से कोल इंडिया के उत्पादन का भार है.  ठेका कर्मी जितने नामांकित है, उससे  अधिक जमीन पर कार्यरत है.  मजदूर संगठन जमीन पर कार्यरत ठेका कर्मियों के लिए आवाज तो उठाते हैं, लेकिन यह आवाज उत्साह में अधिक और विश्वास में कम होता है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  


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