बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का होता है हनन- अमरेन्द्र

    बाल विवाह से बच्चों के अधिकारों का होता है हनन- अमरेन्द्र

    दुमका (DUMKA) : जिला के उच्च विद्यालय जरमुंडी में चाइल्डलाइन 1098 की ओर से ओपन हाउस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें बाल कल्याण समिति के चैयरपर्सन अमरेंद्र कुमार यादव, जरमुंडी उच्च विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रों ने भाग लिया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शरीक बाल कल्याण समिति के चैयरपर्सन अमरेन्द्र कुमार यादव शामिल हुए.

    बच्चों को हर महीने मिलेंगे दो हज़ार रूपए

    अपने संबोधन में अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह मुक्त दुमका तभी हो सकता है. जब आम जनता के साथ-साथ बच्चे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो. बाल विवाह से बच्चे के अधिकारों का हनन होता है. इससे बच्चों का विकास अवरुद्ध होता है. साथ ही उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है. बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह करने अथवा बाल विवाह में सहयोग करने वाले ऐसे व्यक्ति को 02 वर्ष की कठोर सजा तथा एक लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. यह हमारे समाज के लिए अभिशाप से कम नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने दुमका जिला में बाल श्रम, बाल यौन उत्पीड़न जैसे मामले पर प्रकाश डाला और यह भी बताया की जिला अंतर्गत बच्चों से संबंधित जितने भी मामले आते हैं, उसे प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाता है और बच्चों के हित में उचित निर्णय लेते हुए उसे मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है. सीडब्लूएसी वैसे बच्चों को स्पॉन्सरशिप कार्यक्रम से जोड़ रहा है जो एकल परिवार, अनाथ, आर्थिक रूप से कमजोर तथा कोरोना महामारी में अपने माता पिता को खो चुके हैं.  इस योजना के तहत बच्चों को प्रतिमाह ₹2000 दिए जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई जारी रह सके. साथ ही उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक मजबूती प्रदान कराई जाती है. 

    बाल विवाह के मुद्दे पर हुई चर्चा

    विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद कुमार मंडल ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि चाइल्डलाइन 1098, बाल कल्याण समिति, ग्रामीण बाल संरक्षण समिति, पुलिस इत्यादि के जरिये आप अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं. इसके साथ ही आप अपने विद्यालय के शिक्षक से भी अपनी समस्याओं को साझा करें, हम सदैव आपके हित के लिए कार्य करेंगे. कार्यक्रम में उपस्थित चाइल्डलाइन के जिला समन्वयक मुकेश दुबे ने कार्यक्रम में उपस्थित सबों का अभिनन्दन करते हुए बताया की "महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार" के सहयोग से समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन चलाया जा रहा है. जिसका नि:शुल्क सहायता फोन नंबर 1098 है. चाइल्डलाइन दुमका के टीम मेंबर निक्कू कुमार ने बताया गया कि 1098 पर आ रहे दुमका ज़िला से बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल उत्पीड़न, बाल तस्करी जैसे मामलो पर चाइल्डलाइन दुमका टीम जिला प्रशासन के साथ मिल कर कार्य कर रही हैं. 1098 पर बच्चों से सम्बंधित किसी प्रकार की सहायता के लिए इस नंबर के द्वारा सहायता प्राप्त की जा सकती है. साथ ही सूचना देने वाले की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी. कार्यक्रम में उपस्थित एक्शनएड के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा ने बाल विवाह के मुद्दें पर प्रकाश डालते हुए बताया की नेशनल फैमिली हेल्‍थ सर्वे के ताजा आंकड़े के अनुसार झारखण्ड राज्य बाल विवाह के मामले में पहले स्थान पर है, अगर इसी आंकड़े को जिला बार देखा जाए तो दुमका जिला छठे स्थान पर 43.1% के साथ है. यह आंकड़ा काफी ज्यादा है और इसे कम करने के लिए हमें मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है. अंत जरमुंडी उच्च विद्यालय के शिक्षक नदियानन्द यादव ने धन्यवाद् ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया. मंच संचालन शिक्षक राधा रमन तिवारी ने किया. ओपन हाउस कार्यक्रम में कुल 200 से अधिक बच्चे और बच्चियों ने भाग लिया. कार्यक्रम को सफल बनाने में चाइल्डलाइन की टीम इबनुल हसन, निशा कुमारी, सनातन मुर्मू ने अहम् भूमिका निभाई.

    रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका


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