हजारीबाग से बच्चे को अगवा किया फिर कोडरमा में एक दंपति के हाथों बेच डाला,जानिए फिर कैसे सुरक्षित बरामद हुआ मासूम
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धनबाद(DHANBAD): झारखंड के हजारीबाग से एक 4 वर्ष के बच्चे का अपहरण कर बेचने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. इस बच्चे को एक दंपति ने इसलिए खरीद लिया कि उसे वंश चलाने के लिए बच्चे की जरूरत थी. हजारीबाग के ओकनी साई मंदिर के निकट से 18 दिसंबर से 4 वर्ष का पल्लू लापता हो गया था. एसआईटी ने सोमवार को सुबह उसे कोडरमा से बरामद किया. पुलिस ने इस मामले में चार महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है.
जानिए पूरा मामला
हजारीबाग से चुराकर इस बच्चे को कोडरमा के एक दंपति के हाथों 2,95,000 में बेचा गया था. पुलिस ने बच्चे की बरामदगी के लिए हजारीबाग, रांची और कोडरमा में छापेमारी की थी. पुलिस ने पहले हजारीबाग के करीना देवी और नूतन देवी को गिरफ्तार किया. फिर रांची स्टेशन के पास एक होटल से ज्योति एवं कन्हैया पासवान को पकड़ा. फिर पता चला कि कोडरमा के तिलैया स्थित इंद्रपुरी में गीता देवी के पास बच्चे को बेचा गया है. इस सूचना पर एसआईटी ने बच्चे को बरामद कर लिया.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल व चोरी में उपयोग किया गया चादर भी जब्त किया है. बच्चा खरीदने वाला दंपति वंश चलाने के लिए लड़का चाहते थे. उनके बेटे की हादसे में मौत हो गई थी. इस बात से ज्योति रानी और कन्हैया कुमार वाकिफ थे. इसका फायदा उठाते हुए उन्होंने दंपति से संपर्क किया और उन्हें अपने झांसे में लिया. बताया कि वे लोग ऐसे एन जी ओ से जुड़े हैं, जो बच्चा उपलब्ध कराता है. एनजीओ की तरफ से बॉन्ड पेपर भी दिया जाता है. इसके बाद दंपति उनके झांसी में आ गए .तीन लाख की जगह पर 295000 में रेट तय हुआ. एडवांस के रूप में 1,70,000 रुपए दिए गए. उसके बाद बच्चे को अगवा कर दंपति को दे दिया गया. 18 दिसंबर को बच्चों का चादर से अगवा किया गया फिर उसे दंपति के पास पहुंचा दिया गया. इस घटना ने सब को चौंका दिया है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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