अपने  वोटरों का "विश्वास" जीतेंगे हेमंत, आज से दो दिनों तक बरहेट में  रहेंगे सीएम

    अपने  वोटरों का "विश्वास" जीतेंगे हेमंत, आज से दो दिनों तक बरहेट में  रहेंगे सीएम

    धनबाद(DHANBAD): रविवार को डुमरी में रोड शो करने के बाद मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन सोमवार दोपहर बाद अपने विधानसभा क्षेत्र बरहेट पहुंचेंगे, तय कार्यक्रम के अनुसार सुंदर पहाड़ी के डमरूहाट फुटबॉल मैदान में वह हेलीकॉप्टर से उतरेंगे.  बरहेट के लोगों को बड़ी सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री पहुंच रहे है.  दो दिनों तक वह बरहेट में रहेंगे.  इस दौरान कई   शिलान्यास और उद्घाटन भी होंगे.  बरहेट विधानसभा क्षेत्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए कुछ खास है.  2014 में भी वह जीते थे और 2019 में भी बरहेट और दुमका दोनों जगह से जीते.  

    हेमंत सोरेन को  बरहेट में लगभग 55% वोट मिले थे

    बरहेट विधानसभा में उन्हें लगभग 55% वोट मिले थे और उन्होंने बीजेपी के साइमन माल्टो  को हराया था.  दुमका में उन्होंने भाजपा के लुईस मरांडी को पराजित किया था.  हेमंत सोरेन को 80 हज़ार से अधिक  वोट मिले थे जबकि लुईस मरांडी को 67,571 वोट मिले थे.  लुईस मरांडी रघुवर दास सरकार में मंत्री भी थी.   बाद में हेमंत सोरेन ने दुमका सीट से इस्तीफा दे दिया और बरहेट से विधायक बन रहे.  मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र होने के कारण बरहेट के लोगों को उम्मीद भी है और भरोसा भी है.  वैसे 2020 में दुमका में हुए उपचुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन ने फिर लुईस मरांडी को लगभग 6,542 वोटो से हरा दिया था.  इस प्रकाश लुईस मरांडी दुमका से 2019 में  मुख्यमंत्री के हाथों हारी  और 2020 में उनके भाई ने उन्हें पराजित किया.  खैर, मुख्यमंत्री अभी गठबंधन सरकार के मुखिया है. 
     
    झारखंड विधानसभा में विधायकों की संख्या 
     
    झारखंड विधानसभा में फिलहाल झारखंड मुक्ति मोर्चा के 30 विधायक हैं, कांग्रेस के 16 हैं और राजद के एक विधायक है. जबकि झविमो   छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए बंधु तिर्की और प्रदीप यादव  को शामिल कर लिया जाए, तो कांग्रेस के पास 18 विधायक हो जाते है. फिलहाल भाजपा के 25 विधायक है.  बाबूलाल मरांडी को शामिल कर दिया जाए तो यह संख्या बढ़कर 26 हो जाती है. बहरहाल, ईडी  ने 9 सितंबर को पूछताछ के लिए  मुख्यमंत्री को तीसरा समन  भेजा है. देखना है 9 अगस्त को मुख्यमंत्री ईडी  के समक्ष उपस्थित होते हैं अथवा नहीं, लेकिन हेमंत सोरेन फिलहाल आक्रामक मुद्रा में दिख रहे है. भाजपा भी कम हमलावर नहीं है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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