मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिर से पहुंचे ईडी कोर्ट, जानिए पूरी कहानी कोर्ट में पेशी के बाद अब क्या है रणनीति

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिर से पहुंचे ईडी कोर्ट, जानिए पूरी कहानी कोर्ट में पेशी के बाद अब क्या है रणनीति

    रांची(RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फिर से कानूनी दाव पेंच का सामना कर रहे है. ईडी के समन अवहेलना मामले में कोर्ट में पेशी हुई. जिसके बाद अब कोर्ट ने केस की तारीख 12 दिसंबर दिया है. ऐसे में चर्चा शुरू हो गई की क्या हेमंत सोरेन फिर से मुश्किल में पड़ गए.और इस समन के अवहेलना का पूरा मामला क्या है. आखिर अचानक क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट में पेश होना पड़ा.

    दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने पिछले साल जमीन घोटाले मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया था. यह मामला सेना की जमीन से जुड़ा था. जिसमें बरियातू मौजा के चेशायर होम से जड़ी जमीन मामले में ECIR दर्ज कर जांच शुरू की थी. इस मामले में शुरुआत में कई लोगों से पूछताछ हुई. बड़गाई अंचल से जुड़े कई कर्मचारी और अधिकारी को भी तलब किया गया. जिसमें राजस्व कर्मचारी से लेकर तत्कालीन डीसी छवि रंजन पर गाज गिरी. ईडी के अधिकारियों ने सभी अधिकारी से कई बार पूछताछ की. आखिर कर पूछताछ के बाद एक एक कर गिरफ़्तारी होने लगी. रांची के तत्कालीन डीसी की गिरफ़्तारी के बाद इस जांच की आँख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुँच गई. जिस मामले में अब ईडी ने जांच आगे बढ़ाया. आखिर में 08 अगस्त 2024 को पहला समन भेज दिया और पूछताछ के लिए तलब किया.

    लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से अपने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देकर वह हाजिर नहीं हुए. इसके बाद एक एक कर 10 समन भेजा गया. जिसमें से दो समन पर पूछताछ हुई,और 20 जनवरी को ईडी की टीम मुख्यमंत्री आवास पहुँच कर सीएम हेमंत सोरेन से लंबी पूछताछ की. जिसके बाद टीम निकल गई. लेकिन इसके बाद फिर एक समन भेजा गया और 31 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास में पूछताछ की गई. इस पूछताछ में आखिर में देर रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया.                   

    सीएम हेमंत सोरेन को इन तारीखों को जारी हुआ समन

    1. पहला समन : 8 अगस्त को भेजा गया, 14 अगस्त को हाजिर होने का था निर्देश
    2. दूसरा समन : 19 अगस्त को भेजा गया , 24 अगस्त को हाजिर होने का था निर्देश
    3. तीसरा समन : 1 सितंबर को भेजा गया, 9 सितंबर को हाजिर होने का था निर्देश
    4. चौथा समन : 17 सितंबर को भेजा गया, 23 सितंबर को हाजिर होने का था निर्देश
    5. पांचवा समन : 26 सितंबर को भेजा गया, 4 अक्टूबर को हाजिर होने का था निर्देश
    6. छठा समन : 11 दिसंबर को भेजा गया, 12 दिसंबर को हाजिर होने का है निर्देश
    7. सातवां समन : 29 दिसंबर को भेजा गया, पूछताछ के लिए समय और जगह खुद तय करने को कहा
    8. आठवां समन : 13 जनवरी को भेजा गया, 16-20 जनवरी तक बयान दर्ज कराने का समय दिया गया.
    9. पूछताछ : 20 जनवरी को हुई सीएम से पहली बार पूछताछ
    10. नौवां समन : 25 जनवरी को भेजा गया, पूछताछ के लिए 27 से 31 जनवरी के बीच का समय बताएं (सीएम ने व्यस्त होने का दिया हवाला)

    इस मामले में ईडी ने एक तरफ मुख्यमंत्री को कथित जमीन घोटाले में गिरफ्तार किया तो दूसरी ओर ईडी के समन को नजर अंदाज करने मामले में कोर्ट का रुख कर लिया. जब ईडी ने कोर्ट का रुख किया तो फिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में सशरीर उपस्थिति में छूट की मांग की. लेकिन कोर्ट ने राहत जरूर दी साथ ही एक शर्त  के साथ. जिसमें कहा गया की पहली पेशी में वह कोर्ट में हाजिर होंगे इसके बाद वह अपने अधिवक्ता के जरिए तारीख पर केस की जानकारी देंगे.

    यही वजह है कि जब शनिवार को कोर्ट में पेशी की तारीख आई तो खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कोर्ट पहुँचे. इस दौरान कोर्ट में पेशी के बाद वह सीधे मुख्यमंत्री आवास निकल गए. उनके अधिवक्ता ने बताया कि अब अगली तारीख 12 दिसंबर को होगी. जिसमें वह पेश ना होकर अधिवक्ता केस का ट्रायल में उनका पक्ष रखेंगे.

    ऐसे में देखे तो हाई कोर्ट ने एक राहत दी है कि एक पेशी के बाद कोर्ट में पेश नहीं होना पड़ेगा. जो मुख्यमंत्री के लिए अच्छी खबर है.                    


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