चतरा: गरीबों के निवाले पर डाका, डीलर और बिचौलिये गटक गए मुफ्त अनाज, डीलरो ने खुद स्वीकारी अनाज घोटाले की बात

    चतरा(CHATRA): जिले में उत्पन्न सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री कल्याण अन्न योजना चला रखी है. इस योजना के तहत सभी राशनकार्ड धारकों को हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम अनाज फ्री में देना है. लेकिन इस कल्याणकारी योजना से गरीबों का कल्याण कम माफियाओं का कल्याण अधिक हो रहा है. ताजा मामला टंडवा प्रखंड क्षेत्र का है. जहां प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों के मिलने वाले जून और जुलाई महीने का अनाज अनाज माफियाओं ने डकार लिया. वहीं सितंबर महीने में मिलने वाले अनाज में भारी कटौती किया जा रहा है. जनवितरण दुकानदारों के द्वारा प्रति व्यक्ति 5 किलो के जगह पर मात्र 2 किलो दिया जा रहा है. जबकि ई-पॉस मशीन में पूरे 5 किलो वितरण को दिखाया जा रहा है. डीलरों और अनाज माफियाओं का यह प्रकरण इन दिनों प्रखंड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

    दुकानदारों के साथ हो रही कहासुनी

    मामले को लेकर लाभुकों के द्वारा जनवितरण दुकानदारों के साथ कहासुनी भी हो रही है और दुकानदारों के द्वारा लाभुकों को यह बताया जा रहा है कि ऊपर से ही कम राशन का आवंटन किया गया है. गरीबों के आवंटित अनाज के बंदरबांट और गबन करने के मामले का खुलासा तब हुआ जब अपने चुने गए जनप्रतिनिधियों और जनता के समक्ष डीलरों ने अनाज माफियाओं के साथ सांठगांठ कर गरीबों के अनाज के बंदरबांट करने की बात को स्वीकार किया.

    मिश्रौल पंचायत का मामला

    मामला प्रखंड क्षेत्र के मिश्रौल पंचायत का है. जहां कार्डधारकों के द्वारा प्रधानमंत्री कल्याण योजना के अनाज का वितरण नहीं किये जाने और अनाज के कटौती को लेकर पंचायत सचिवालय परिसर में मुखिया के नेतृत्व में डीलरों और पंचायत वासियों के बीच मामले को लेकर बैठक किया गया. इस बैठक में पंचायत के मुखिया और उपमुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों के आलावे क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य, पूर्व मुखिया और प्रखंड उपप्रमुख मौजूद थे. बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पंचायत क्षेत्र के सभी डीलरों ने प्रधानमंत्री कल्याण कोष के जून और जुलाई महीने के अनाज को आपसी सहमति के साथ अनाज माफियाओं संग मिलकर बंदरबांट करने की बात को स्वीकार किया. इस दौरान पंचायत के सभी डीलरों ने यह भी बताया कि बेचे गए अनाज पर सभी डीलरों को 6 रूपया प्रति किलो की दर से सब को पैसे मिले. डीलरों ने यह भी बताया कि यह मामला सिर्फ मिश्रौल पंचायत का नहीं बल्कि पूरे प्रखंड क्षेत्र का है.

    इस मामले को लेकर मिश्रौल पंचायत के मुखिया सुबेश राम ने बताया कि ग्रामीणो की शिकायत पर पंचायत क्षेत्र के जनवितरक दुकानदारों के साथ पंचायत के ग्रामीणों और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बैठक कर जानकारी ली. जहां सभी जनवितरक दुकानदारों ने स्वीकार किया कि जून और जुलाई माह का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का अनाज वितरण नहीं किया गया. उनलोगो ने यह भी बताया कि कार्डधारियो से ई-पॉउस मशीन में उक्त अनाज का फिंगर लेकर अनाज के वितरण को दिखा दिया गया है.

    मामले की जांच कर करेंगे कार्रवाई: उपायुक्त

    मामले को लेकर जिले के उपायुक्त अबु इमरान ने बताया कि सितम्बर माह में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना मद के अनाज में केन्द्र से ही आवंटन कम मिला है. वहीं जून और जुलाई महीने के अनाज के वितरण नहीं किये जाने के मामले में बताया कि मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी. जांच के उपरांत मामला सही पाया जाता है तो गरीबो के आवंटित अनाज को डकारने वाले को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

    रिपोर्ट: संतोष कुमार, चतरा  

     


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