धनबाद में पहली नवंबर से कारोबारी बंदी, 2012 में भी कारोबारी थे सड़क पर, जानिए उस वक्त क्यों फूटा था गुस्सा

    धनबाद में पहली नवंबर से कारोबारी बंदी, 2012 में भी कारोबारी थे सड़क पर, जानिए उस वक्त क्यों फूटा था गुस्सा

    धनबाद(DHANBAD): रंगदारी की घटनाओं के खिलाफ धनबाद के कारोबारी आंदोलन की राह पर हैं. पहली नवंबर से अनिश्चितकालीन दुकान बंद करने की घोषणा की गई है. 2012 में भी धनबाद के कारोबारी सड़क पर थे और आंदोलन कर रहे थे. बिहारी लाल चौधरी और राजेश चौथानी हत्याकांड के बाद व्यवसाईयों का गुस्सा फूट पड़ा था. उस समय धनबाद के एसपी थे मनोज कौशिक. व्यवसाईयों के आक्रोश के कारण उनका तबादला कर दिया गया था.

    कारोबारी आर पार की लड़ाई के मूड में 

    इधर ,पुलिस प्रशासन से भरोसा मिलने के बाद भी अपराध की घटनाएं धनबाद में रुक नहीं रही हैं. इसलिए कारोबारी आर पार की लड़ाई का मन बनाए हुए है. कह रहे हैं कि कारोबार पेट चलाने के लिए करते हैं कि गोली खाने के लिए. वैसे शनिवार की घटना के बाद झारखंड एटीएस भी अपराधियों की टोह के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. धनबाद पुलिस तो कर ही रही है. पुलिस और एटीएस ने धनबाद शहर और अगल-बगल के इलाकों से आधा दर्जन से अधिक लोगों को उठाकर पूछताछ कर रही है.

    दीपक अग्रवाल पर फायरिंग मामले में व्यवसाई आक्रोशित

    शनिवार को दीपक अग्रवाल पर फायरिंग होने की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है .घटना के दूसरे दिन ही रविवार को एटीएस की टीम घटनास्थल की मैपिंग की. लोगों से पूछताछ की. जानकारी लेने के बाद ताबड़तोड़ छापेमारियां चल रही है. इसके पहले शनिवार को ही एटीएस की टीम ने मैथन, चिरकुंडा और बंगाल से 3 अपराधियों को उठाया था. तीनों शार्प शूटर बताए जाते हैं. उसके बाद ही बैंक मोड़ के कार सेंटर के मालिक दीपक अग्रवाल पर फायरिंग कर दी गई. इस घटना से व्यवसाईयों के भीतर सुलग रही आग धधक गई और उन्होंने आंदोलन का रास्ता तैयार कर लिया.

    पहली नवंबर से दुकान बंद करने का निर्णय 

    पहली नवंबर से दुकान बंद करने का निर्णय ले लिया है. हालांकि इस निर्णय को सफल बनाने के लिए लगातार बैठके हो रही है .आज भी बैठक है. जगह-जगह चेंबर के लोग बैठक कर रहे हैं. राजनीतिक दल भी कानून व्यवस्था सुधारने के लिए सड़क पर आने लगे हैं. कुल मिलाकर धनबाद जिले की पुलिस अभी लोगो के निशाने पर है. पुलिस कार्रवाई तो कर रही है, गिरफ्तारियां भी कर रही है, लेकिन फिर घटनाएं हो जा रही है. घटना होने के बाद पत्र भी वायरल कर दिया जा रहा है और यह पत्र भी विदेशी नंबर से वायरल किया जा रहा है.देखना होगा धनबाद को सुरक्षित रखने के लिए झारखंड सरकार,पुलिस और जनप्रतिनिधि आगे कौन सा कदम उठाते हैं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


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