BREAKING: आपस में ही भिड़ गए पार्टी के कार्यकर्ता, जमकर हुई हाथापाई और गाली गलौज, जानिए क्या है मामला

    BREAKING: आपस में ही भिड़ गए पार्टी के कार्यकर्ता, जमकर हुई हाथापाई और गाली गलौज, जानिए क्या है मामला

    देवघर(DEOGHAR): देवघर में भाजपा द्वारा आयोजित बैठक में ताल मेल न मिलने के कारण बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में ही भीड़ गए हैं. बता दे कि झारखंड में 5 सीट गवाने के बाद लगातार भाजपा की ओर से हर एक स्तर पर समीक्षा बैठक कर विधानसभा चुनाव की तैयारिया की जा रही है. इस बीच सोमवार को देवघर के एक निजी होटल में बीजेपी की ओर से बैठक की जा रही थी तभी अचानक से गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे और देवघर विधायक नारायण दास के समर्थन आपस में ही भीड़ गए इस बिच जमकर हंगामा, हाथापाई और गाली गलौज देखने को मिला. वहीं सांसद के समर्थक की ओर से  देवघर विधायक के साथ भी गाली गलौज की घटना को अंजाम दिया गया.

    गोड्डा सांसद व देवघर विधायक के समर्थकों में बंटवारा 

    हाल ही में लोकसभा का चुनाव संपन्न हुआ है. अब झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है. लोकसभा का चुनाव भाजपा से निशिकांत दुबे लगातार चौथी बार जीत कर इस क्षेत्र से सांसद बने है. संपन्न लोकसभा चुनाव में पार्टी नेताओ की नाराजगी निशिकांत दुबे से देखने को भी मिली. बता दे कि गोड्डा लोकसभा चुनाव में एक अलग टीम निशिकांत के पक्ष में चुनाव प्रचार प्रसार कर रही थी. तो पार्टी के ही कई नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई थी. चर्चा यह भी था कि लोकसभा चुनाव में विधायक नारायण दास ने भाजपा प्रत्यासी के विरुद्ध मतदान करवाये थे.इन्हीं चर्चाओं के बीच दोनो के समर्थनों में बंटवारा हो चुका हैं.

    निशिकांत कार्यकर्ताओं का सहारा न ले, देवघर विधायक

    वहीं इस मामले पर देवघर विधायक ने कहा कि बैठक के बीच सांसद ने कार्यकर्ता जिनके भरोसे उन्होंने जीत हासिल की हैं. वहीं आज इन्हीं के गुटो द्वारा देवघर विधायक पर आरोप लगा रहे है कि इन्होंने काम नही किया उन्होंने कहा कि अगर हमने काम नही किया है तो निशिकांत दुबे कैसे जित गए है और यदि उनके पास कोई प्रमाण है तो वह दे. आखिर क्यों वह अपने कार्यकर्ता के ओर से हम पर हमले करवा रहे हैं. 

    पार्टी में नराजगी का फायदा कहीं उठा न ले विपक्ष 

    जहां एक ओर भाजपा द्वारा 5 सीट खोने के बाद बैठक कर इस पर मंथन कर विधानसभा की जीत के लिए रणनीतिया बनाई जा रही है,तो वहीं दुसरी तरफ लोकसभा चुनाव की टिकट न मिलने पर पार्टी में आपसी मन मुटाव देखा गया ,हालांकि भाजपा को अपने ही पार्टी के नेताओं से नराजगी का फायदा, कहीं विपक्ष को न हो जाए.साथ ही आज भाजपा की बैठक में मारपीट व आपसी मन मुटाव यह दर्शाता है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा अच्छा प्रदशन नहीं कर पाएगीं और आने वाले समय में बीजेपी को विधानसभा चुनाव में निराशा हाथ लग सकती हैं. अब देखना होगा की देवघर में भाजपा किसको आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाती है. तीसरी बार नारायण को या फिर किसी अन्य को,क्योंकि भाजपा हमेशा से चौकाने वाली कार्य करती है. जबतक टिकट की घोषणा नहीं होती तबतक अटकलों का बाजार देवघर में गर्म रहेगा.

     

     



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