बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का प्रदर्शन, महुआ डंगाल में गूंजा विरोध

    बिजली दर बढ़ोतरी पर भाजपा का प्रदर्शन, महुआ डंगाल में गूंजा विरोध

    दुमका (DUMKA): झारखंड सरकार द्वारा बिजली दर में वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को दुमका के महुआडंगाल स्थित बिजली विभाग कार्यालय के समक्ष भाजपा ने धरना प्रदर्शन किया.जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में काफी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए.राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.

    दिग्गज नेताओं की मौजूदगी से आंदोलन को मिला बल

    धरना प्रदर्शन में पूर्व सांसद अभय कांत प्रसाद, पूर्व सांसद सुनील सोरेन और जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर की मौजूदगी ने आंदोलन को और धार दी। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री मृणाल मिश्रा ने किया.

    वोट के लिए वादे, अब जनता पर बोझ – अभय कांत

    अपने संबोधन में अभय कांत प्रसाद ने सरकार पर तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के जरिए जनता को भ्रमित किया गया. उन्होंने कहा कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा महज दिखावा था, जबकि अब दर बढ़ाकर आम लोगों की जेब पर सीधा प्रहार किया जा रहा है.

    बिजली कटौती, खराब ट्रांसफार्मर और स्मार्ट मीटर पर उठे सवाल

    सुनील सोरेन ने राज्य की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमराया हुआ बताया उन्होंने कहा कि एक ओर लगातार बिजली कटौती और खराब ट्रांसफार्मरों की समस्या है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय बताया.

    किसान गरीब पर सबसे ज्यादा मार, उग्र आंदोलन की चेतावनी

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने कहा कि बिजली दर में वृद्धि का सबसे अधिक असर किसान, गरीब और छोटे व्यवसायियों पर पड़ा है. ग्रामीण क्षेत्रों में 50 पैसे और शहरी क्षेत्रों में 55 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनजीवन प्रभावित हुआ है उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो भाजपा राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगी.

    भाजपा की प्रमुख मांगें

    भाजपा की प्रमुख मांगो में बढ़ी हुई बिजली दर तत्काल वापस ली जाए, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए,जले हुए ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए, मरम्मत के नाम पर बार बार बिजली कटौती बंद की जाए, स्मार्ट मीटर से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगे आदि शामिल है.धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई और चेतावनी दी कि जनता के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

    रिपोर्ट-पंचम झा



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