चाईबासा(CHAIBASA): चाईबासा में पेयजल संकट, लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़ी हुई बिजली दरों को लेकर गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. शहर में माहौल उस समय गरमा गया जब भाजपा कार्यकर्ता हाथों में खाली हांडी, डब्बे और बर्तन लेकर गौशाला चौक से जिला समाहरणालय तक विशाल रैली के रूप में पहुंचे.
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई, भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. समाहरणालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने आरोप लगाया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में जल जीवन मिशन और नल-जल योजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थिति बेहद खराब है. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है, जबकि योजनाओं की बड़ी राशि पहले ही निकाल ली गई है. उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए सोलर जलमीनार बंद पड़े हैं और खराब चापानलों के कारण लोग पानी के लिए परेशान हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी और घंटों की कटौती ने आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों की स्थिति बिगाड़ दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में पानी और बिजली की स्थिति सबसे खराब है और कई योजनाएं पूरी तरह से ठप पड़ी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांवों की समस्याओं से बेखबर है.
भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू ने इस प्रदर्शन को जनता की आवाज बताते हुए कहा कि पार्टी जनहित के मुद्दों पर लगातार आंदोलन करती रहेगी. उन्होंने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि बिजली और पानी की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भाजपा और उग्र आंदोलन करेगी. इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
रिपोर्ट- संतोष वर्मा

