भाजपा आदिवासियों की पहचान अस्तित्व और अधिकारों को खत्म करने का षड्यंत्र कर रही है- नमन बिक्सल कोनगाडी


सिमडेगा(SIMDEGA): भाजपा आदिवासियो की पहचान, अस्तित्व और अधिकारों को खत्म करने के लिए संविधान के प्रावधानों के तहत किए अनुसूचित क्षेत्र को समाप्त करना चाहती है. इसके साथ आदिवासियो को सरना, हिंदू और ईसाई में बांट कर कमजोर करना चाहती है. भाजपा पर ये आरोप विधायक नमन बिक्सल कोनगाडी ने लगाए. वे सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड के में विभिन्न गांवों के दौरे पर थे. वहां उन्होंने विभिन्न गांव के लोगों से मुलाकात कर वहां के हाल की जानकारी ली.
उन्होंने इस दौरान कहा कि जानकारी हो कि आदिवासी संख्या के आधार पर ही अनुसूचित क्षेत्र तय किया जाता है. इसी कारण भाजपा सरना और आदिवासी इसाईयों के बीच लड़ाई करा कर भाई-भाई के बीच एक खाई बना रही है, ताकि इनको लडा कर आदिवासियों को कमजोर कर अंत मे खत्म कर दिया जाए.
“भाजपा षड्यन्त्र रच रही है”
इसके लिए एक और षडयंत्र भाजपा द्वारा रची जा रही है. वोट की राजनीति और आदिवासी षडयंत्र का. एक तीर से दो निशाना करने के नियत से सरना और हिन्दुओं को खुश कर गोलबंद करने के लिए पिछली भाजपा इसाईयो के चर्च और स्कूलों के जमीनो की जांच सीएनटी एक्ट और एसपीटी एक्ट का उल्लंघन के मामले मे धर्म का भेदभाव करते हुए एक तरफा आदेश दिया गया था. इसी तरह संविधान के अनुच्छेद 15, 16 के खिलाफ और अनुच्छेद 25 को प्रभावित करने के नियत से धर्म का भेद कर नौकरियों एवं सरकारी सुविधाओ से वंचित करने के नियत से जाति प्रमाणपत्र मे धर्म का कॉलम जोडा गया था. भाजपा संविधान को कमजोर कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है. उन्होंने कहा कि हमारी गठबंधन की सरकार इन सब चीजों को दूर करके सभी जाति धर्म और समुदाय के लोगों को साथ लेकर विकास का कार्य कर रही है.
रिपोर्ट : अमित रंजन, सिमडेगा
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