बिजली कामगार यूनियन जनवरी में सम्मलेन के बाद क्यों करेगी महासंग्राम की घोषणा,पढ़िए -क्या है डिमांड

    बिजली कामगार यूनियन जनवरी में सम्मलेन के बाद क्यों करेगी महासंग्राम की घोषणा,पढ़िए -क्या है डिमांड

    धनबाद(DHANBAD) : बिजली कामगार यूनियन जनता पर लगातार बढ़ रहे बोझ  का  खिलाफत करेगी.  बिजली दर में बढ़ोतरी का विरोध होगा.  झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन नए साल में कई बड़े मुद्दे को लेकर सम्मेलन करने जा रही है.   यह सम्मेलन 11 जनवरी को झरिया में प्रस्तावित है.  इस सम्मेलन में मांगों को लेकर आर- पार की लड़ाई का निर्णायक निर्णय  हो सकता है.  कर्मचारियों को  अब तक मिले आश्वासनों पर भी बातचीत हो सकती है.   झारखंड राज्य बिजली कामगार यूनियन के महासचिव रामकृष्णा  सिंह की माने तो कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सम्मेलन में चर्चा होगी और सम्मेलन में लिए गए निर्णय के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. 

     रामकृष्णा  सिंह के अनुसार 6% ऊर्जा भत्ते  का भुगतान करना पहली  और बड़ी मांग होगी.  पदनाम  में सुधार की मांग भी रहेगी.  2009 में रखे गए कामगारों को नियुक्त करना, बकाया अधिकाल  भत्ते  का भुगतान करना, चौकीदार- चपरासी आदि को भी सपोर्टिंग स्टाफ में पदोन्नति करना, जमशेदपुर में हेड लाइन मैन  के पद पर दी गई  पदोन्नति वाले कामगारों का वेतन 3300 करना, विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण कर्मियों को अभियंता के पद पर नियुक्त करना, 2018 में हुई विभागीय परीक्षा में पास  कर्मियों को  लिपिक पद पर नियुक्ति करना शामिल रहेगा. 

     इसके अलावा उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार यूनियन द्वारा दिए गए 18 कर्मियों की चार माह में नियुक्ति ,बिजली निगम में सभी लंबित मामलो  की स्वीकृति, चाईबासा के कर्मियों को प्रधान तार कर्मियों  के पद पर प्रोन्नति , नए चार  श्रम कानून का विरोध, बिजली दर में बृद्धि के विरोध के संबंध में निर्णय लिए जा सकते है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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