बिहार : लैंड फॉर जॉब का मामला राजद की सियासत पर कैसे डाल सकता है असर, क्या करेंगे दोनों भाई !


धनबाद(DHANBAD) : लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के खिलाफ भी आरोप तय हुआ है. घर और पार्टी से निकाले जाने के लगभग आठ माह बाद शुक्रवार को उन्होंने अपने पिता और बहनों से मुलाकात की. कहा की मजबूती से इस लड़ाई को लड़ा जाएगा. अपनी बड़ी बहन सांसद मीशा भारती के आवास पर उन्होंने पिता और बहन से मिलकर उन्हें 14 जनवरी को पटना में आयोजित दही -चूड़ा भोज में आने का निमंत्रण दिया. कोर्ट में बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से भी तेज प्रताप यादव का सामना भी हुआ. लेकिन दोनों भाइयों में कोई बातचीत नहीं हुई.
दरअसल,तेज प्रताप यादव ने कहा था कि तेजस्वी यादव को भी दही -चूड़ा के भोज में आने का निमंत्रण दिया जाएगा. उम्मीद की जा रही थी कि दिल्ली में दोनों भाई मिलकर बातचीत करेंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. तेज प्रताप यादव दही -चूडा के भोज में सभी दलों के नेताओं को निमंत्रित कर रहे है. अपने पिता को भी आशीर्वाद देने के लिए निमंत्रित किया.
दरअसल, लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद के परिवार पर आरोप तय हुए हैं. अगर तेजस्वी और तेज प्रताप आगे चलकर इस मामले में दोषी पाए गए और 2 साल से अधिक की सजा हुई, तो वह कभी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. लालू प्रसाद यादव पर तो कई मामलों में सजा हो चुकी है. कुछ मामले कोर्ट में चल रहे है. सजा के बाद लालू प्रसाद चुनावी राजनीति से दूर हो गए है. तेजस्वी पर भी अगर यह संकट मंडराया तो राजद कौन संभालेगा, यह बड़ा सवाल है. पार्टी के अस्तित्व पर संकट आ सकता है. वैसे अभी से ही राजद के बड़े नेता दूरी बनाने लगे है.
लालू प्रसाद को चारा घोटाले के पांच मामलों में सजा हो चुकी है. चाईबासा कोषागार से 37.7 करोड़ की अवैध निकासी में 5 साल की सजा हुई है. देवघर कोषागार से 84.53 लाख अवैध निकासी में 3.5 साल की सजा मिली है. चाईबासा से 33.67 करोड़ की निकासी में 5 साल, दुमका से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी में दो धाराओं में सात-सात साल, डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी में लालू प्रसाद को 5 साल की सजा मिली है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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