बिहार : डीएम बतायें पटना में-कितने रजिस्टर्ड-अन रजिस्टर्ड हॉस्टल चल रहे हैं, छात्रा मौत में एसआईटी के हाथ खाली !


धनबाद (DHANBAD) : पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले के खुलासे की अभी भी प्रतीक्षा की जा रही है. जांच के लिए गठित एसआईटी लगातार पूछताछ और कार्रवाई कर रही है. लेकिन अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. इस बीच यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है. नीतीश सरकार को भी लोग घेर रहे है. जांच में लीपापोती का आरोप लग रहा है. जैसे-जैसे समय बीत रहा है,आरोप लगाए जा रहे हैं कि मामले को ठंडे बास्ते में डालने की तैयारी है. इस बीच पता चला है कि बिहार राज्य महिला आयोग ने पटना में चल रहे तमाम निजी छात्रावास की विस्तृत जानकारी पटना के जिलाधिकारी से मांगी है.
महिला आयोग ने मंगलवार को जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा है.डीएम से पटना जिले में रजिस्टर्ड और अन रजिस्टर्ड छात्रावासों की संख्या बताने को कहा गया है. साथ ही वहां छात्राओं को रखने के लिए सुरक्षा के क्या मापदंड हैं? यह भी बताने को कहा गया है. पटना स्थित विभिन्न इलाकों में चल रहे निजी छात्रावास में छात्राएं कितनी सुरक्षित हैं? छात्रावास की स्थिति क्या है? इन तमाम मुद्दों पर जानकारी मांगी गई हैं. पटना के एक निजी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद छात्रावासों को लेकर कई सवाल खड़े हुए है.
आयोग ने छात्रावास की पूरी सूची और विस्तृत जानकारी को एक सप्ताह के अंदर देने को कहा है. राजधानी पटना के हर इलाके में बड़ी संख्या में निजी छात्रावास खुले हैं और खुल रहे हैं, लेकिन आरोप है कि छात्राओं की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया जाता है. इस मामले की तहकीकात एसआईटी कर रही है. पीड़ित परिजनों को सुरक्षा दी गई है. जहानाबाद में पीड़ित छात्रा की शिक्षिका एवं सहेलियों से भी पूछताछ कर उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई है. एसआईटी की टीम गांव भी पहुंची थी.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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