BIG UPDATE :अनुपमा सिंह को धनबाद से प्रत्याशी बनाये जाने के खिलाफ ललन चौबे ने दिया इस्तीफा

    BIG UPDATE :अनुपमा सिंह को धनबाद से प्रत्याशी बनाये जाने के खिलाफ ललन चौबे ने दिया इस्तीफा

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और कांग्रेस के बुजुर्ग कद्दावर नेता ललन चौबे ने शुक्रवार को पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया.  वह धनबाद से अनुपमा सिंह को टिकट देने से नाराज थे.  उन्होंने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि विधायक अनूप सिंह की पत्नी को टिकट देकर कांग्रेस पार्टी ने कार्यकर्ताओं का अपमान किया है.  लोग पूछ रहे हैं कि आखिर किस मजबूरी में कांग्रेस पार्टी ने ऐसा निर्णय लिया है.  ललन चौबे ने कहा कि धनबाद लोकसभा सीट से कुल स्थानीय  11 लोगों ने दावेदारी की थी.  लेकिन जब उम्मीदवार की घोषणा की बारी आई तो बाहर के  उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी गई.  

    कुल 11 स्थानीय लोगों ने दावेदारी की थी

    ललन चौबे का कहना है कि अगर 11 में से किसी भी स्थानीय को उम्मीदवार बना दिया गया रहता, तो ना उन्हें कोई दिक्कत थी और ना कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कोई परेशानी होती.  लेकिन कांग्रेस पार्टी ने तो हद कर दी.  घरेलू एक महिला को उम्मीदवार बना दिया.  वह भी महिला बेरमों  की रहने वाली है.  ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मान  और सम्मान में गहरा धक्का लगा है.  इस स्थिति में पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है. अपने समर्थकों के साथ आज इस्तीफा दे दिया.उन्होंने विधायक अनूप सिंह पर भी आरोप लगाए .  एक पेपर कटिंग का हवाला देकर कई आरोप लगाए.  अनुपमा सिंह को टिकट मिलने का विरोध तो शुरू हो गया था. 

    मंगलवार से ही विरोध होने लगा था 
     
    मंगलवार को ही जब कांग्रेस पार्टी ने झारखंड की  तीन लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों  की घोषणा की थी, मरमरिंग होने लगी थी. लेकिन शुक्रवार से इस्तीफा देने का दौर शुरू हो गया है.  धनबाद सीट पर उम्मीदवारी को लेकर काफी गहमागहमी  थी.  कई कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारी कर रखी थी, लेकिन पार्टी ने अनुपमा सिंह को उम्मीदवार बनाया.  अब देखना है कि विरोध के उठने वाले इस स्वर  को कांग्रेस पार्टी कैसे नियंत्रित कर पाती है.  ललन चौबे कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता रहे है. मजदूर संगठन से भी जुड़े है.  अब देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस्तीफे  को पार्टी किस रूप में लेती है और असंतोष की ज्वाला को रोकने के लिए अनुपमा सिंह की ओर से क्या पहल की जाती है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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