दुमका पुलिस की बड़ी सफलता, एक साथ तीन मामलों का किया उद्दभेदन, चार गिरफ्तार

    दुमका पुलिस की बड़ी सफलता, एक साथ तीन मामलों का किया उद्दभेदन, चार गिरफ्तार

    दुमका (DUMKA) : वर्ष 2023 की शुरुआत दुमका पुलिस के लिए उपलब्धि लेकर आया है. वर्ष 2022 में दुमका का माहौल बिगाड़ने और अशांत करने के लिए कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया. हर घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए. उस वक्त दुमका पुलिस ने यह भरोसा दिया था कि आने वाले समय में सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा. लगता है वर्ष 2023 वह समय लेकर आया, जब पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों का जवाब दुमका पुलिस बेबाकी से दे रही है.

    इन मामलों में मिली सफलता

    बता दें कि अति सुरक्षित माने जाने वाले केंद्रीय कारा दुमका के प्रवेश द्वार पर 2 दिसंबर को हुए गोलीकांड के साथ-साथ 19 सितंबर को एसपी आवास के समीप रामगढ़ थाना में पदस्थापित एक पुलिस कर्मी को गोली मारने की घटना की. साथ ही 19 सितंबर को केंद्रीय कारा में एक धमकी भरा पत्र भी फेंका गया था. इन तीनों कांडों का उद्भेदन करते हुए दुमका पुलिस ने चार अपराधियों को दुमका रेलवे स्टेशन के पास कुरवा डांगाल में पिस्टल, गोली और बिना नंबर के दो कार के साथ गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अपराधी का नाम मुन्ना राय, करण कुमार सिंह, नईम खान और इतवारी राय है. कारण सिंह दुमका के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि शेष तीन अपराधी शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला है. इन अपराधियों का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है. मुन्ना राय शिकारीपाड़ा में अपराध का पर्याय माना जाता है. इस मामले के कुछ अपराधी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दुमका पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही है. नगर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी अंबर लकड़ा ने इसकी जानकारी दी.

    गिरोह का विस्तार करना चाहता था मुन्ना राय 

    सूत्रों की मानें तो मुन्ना राय अपने गिरोह का विस्तार करना चाह रहा था. इसी क्रम में वह धनबाद के गैंगस्टर अमन सिंह के संपर्क में आया. धनबाद के तर्ज पर दुमका में भी आपराधिक गिरोह बनाकर व्यवसायियों से रंगदारी वसूलना इनका मुख्य मकसद था. गैंगस्टर अमन सिंह से इसे भरपूर सहयोग भी मिल रहा था. 4 दिसंबर तक अमन सिंह केंद्रीय कारा दुमका में ही बंद था. अमन सिंह के गुर्गे जब दुमका पहुंचते थे तो उनकी खातिरदारी स्थानीय गिरोह द्वारा की जाती थी. दहशत फैलाने के उद्देश्य से ही 19 सितंबर को सबसे पहले केंद्रीय कारा में धमकी भरा पत्र फेंका गया और वहां से निकलने के बाद अपराधी एसपी आवास के पास राहगीर समझकर पैदल जा रहे एक पुलिस वाले से छिनतई का प्रयास किया. लेकिन जब पुलिस कर्मी ने रुपैया देने से इंकार कर दिया तो गोली मार कर घायल कर दिया. फिर 2 दिसंबर को दुमका केंद्रीय कारा के मेन गेट पर गोलीबारी कर अपराधियों को ऐसा लगा कि वह अपने मकसद में कामयाब हो गए हैं, लेकिन कहते हैं ना कानून के हाथ बड़े लंबे होते हैं. दुमका पुलिस को समय जरूर लगा लेकिन देर आए दुरुस्त आए के तर्ज पर वर्ष 2023 की शुरुआत दुमका पुलिस के लिए उपलब्धियों से हुई है. अब देखना होगा गिरोह के बचे हुए अपराधी कब तक सलाखों के पीछे पहुंचते हैं.

    रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

     


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