कोयला उद्योग से बड़ी खबर: गठजोड़ तोड़ने के लिए कोल इंडिया ने कर दिया नियम में बड़ा बदलाव!

    कोयला उद्योग से बड़ी खबर: गठजोड़ तोड़ने के लिए कोल इंडिया ने कर दिया नियम में बड़ा बदलाव!

    धनबाद(DHANBAD):   सूत्रों के अनुसार कोयला अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ को तोड़ने के लिए कोल इंडिया ने एक नई तरकीब की शुरुआत की है.   ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है.   अब प्रमोशन पाने वाले  अधिकारी उसी  कंपनी में जमे  नहीं रह पाएंगे।  ऐसा होने से कोयला अधिकारी  और बाहर के लोगों के साथ गठजोड़ टूटेगा और कंपनी का काम दुरुस्त चाल में चल सकता  है. बता दे कि  देश और दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया ने अधिकारियों के ट्रांसफर पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है.  अधिकारियों की पदोन्नति के साथ उसी  कंपनी में रोके रखने के नियमों में भी बदलाव किया गया है.  
    नई नीति तत्काल प्रभाव से कर दी गई है लागू ---

    यह नीति इमीडिएट इफेक्ट से लागू कर दी गई है.  नए प्रावधान के तहत E5 से E6 ग्रेड में प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों को एक सहायक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर जरूरी कर दिया गया है.  हालांकि इसमें कुछ लचीलापन भी रखा गया है.  जैसे जिन अधिकारियों ने अनुरोध के आधार पर ट्रांसफर लिया है और अभी निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं किया है, उन्हें अस्थाई रूप से वर्तमान कंपनी में पदभार ग्रहण करने की अनुमति दी जा सकती है.  लेकिन तय अवधि के बाद उन्हें स्थानांतरित कंपनी में योगदान देना होगा।  

    कंपनियों के सीएमडी को मिला है यह अधिकार ---

    आदेश में यह भी  प्रावधान किया गया है कि किसी भी सहायक कंपनी के सीएमडी  को जरूरत  को देखते हुए अधिकतम 5% अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अस्थाई रूप से रोकने का अधिकार रहेगा।  लेकिन यह रोक  अधिकतम एक  साल तक प्रभावी रहेगा।  इसके बाद संबंधित अधिकारी को स्थानांतरित कंपनी में योगदान देना होगा।  इस अवधि के बाद न तो विस्तार दिया जाएगा और न हीं पदोन्नति रद्द करने की अनुमति मिलेगी।  कोल इंडिया मैनेजमेंट यह  मानकर चल रहा है कि इससे बेहतर प्रशासनिक संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।  जानकारी के अनुसार कंपनी के कई अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं,लेकिन अब उन्हें आना -जाना पड़ेगा। 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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