धनबाद पर भष्मासुर का हाथ : झारखंड  की पहली आठ लेन सड़क पर कोयलांचल अब इतराये कि माथा पीटे, सातवीं बार धंसी सड़क !

    धनबाद पर भष्मासुर का हाथ : झारखंड  की पहली आठ लेन सड़क पर कोयलांचल अब इतराये कि माथा पीटे, सातवीं बार धंसी सड़क !

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड की पहली 8 लेन  सड़क जब धनबाद को मिली थी, तो उस समय बहुत शोर मचा था. उस समय झारखंड में भाजपा की रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार थी. उस समय के मेयर शेखर अग्रवाल ने व्यक्तिगत रुचि लेकर इस सड़क को धनबाद खींच लाया था. यह धनबाद के लिए बड़ी उपलब्धि थी. सड़क का काम पूरा होने के पहले ही रघुवर दास की सरकार अपदस्थ हो गई और गठबंधन की सरकार आ गई. धीरे-धीरे ही सही, काम चलता रहा और सड़क बन गई. सड़क का उद्घाटन भी हुआ, लेकिन उद्घाटन के साथ ही इस सड़क पर "भस्मासुर" का हाथ पड़ गया. 

    उद्घाटन के साथ ही सड़क जगह-जगह धंसने लगी 
     
    नतीजा हुआ  कि यह सड़क जगह-जगह धंसने लगी. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उद्घाटन के 24 घंटे के अंदर ही यह सड़क एक जगह पर धंस गई थी और गोफ  हो गया था. फिलहाल यह सड़क सातवीं बार धंसी है. सहयोगी नगर सेक्टर-3 के राजा तालाब के पास बड़ा गोफ बन गया है. गोल बिल्डिंग-मेमको  मोड रूट पर दूसरी लाइन में गोफ बनने से लोगों में दहशत भी है. लोग बताते हैं कि 10 दिन पूर्व यहां गड्ढा बन गया था. जिसे स्थानीय लोगों ने भर दिया था. शनिवार को सड़क एक बार फिर धंस गई. लगभग 10 फीट लंबा और गहरा गड्ढा बन गया

    शनिवार को सड़क एक बार फिर धंस गई. लगभग 10 फीट लंबा और गहरा गड्ढा बन गया. भगवान का शुक्र रहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. रविवार को निर्माण एजेंसी ने इसका मरम्मत कार्य शुरू किया. इस सड़क की लागत 461 करोड रुपए से भी अधिक की है. 4 अक्टूबर 2024 को इस सड़क का उद्घाटन हुआ था. वैसे तो हमेशा ही सड़क धंसने  की वजह राइजिंग पाइप को बताया जाता है. सातवीं बार भी वही बताया गया है. खैर, जब झारखंड की यह पहली 8 लेन  सड़क थी तो राइजिंग पाइप के बारे में भी इंजीनियरिंग विभाग को सोचना चाहिए था.  

    राइजिंग पाइप को बताया जा रहा बड़ा कारण 

    क्या सड़क के किनारे से राइजिंग पाइप ले जाने की कोई जगह नहीं थी और अगर थी तो ऐसा क्यों नहीं किया गया? जिस विभाग ने सड़क की डीपीआर तैयार की, क्या अब धंसने  के लिए वह विभाग जिम्मेदार नहीं है? एक तो इस सड़क के निर्माण कालखंड में कई बिघ्न -परेशानियां आई. धीरे-धीरे सड़क का निर्माण हुआ, लेकिन उसकी गुणवत्ता को लेकर अब सवाल खड़े हो गए है. यह सवाल धीरे-धीरे बड़ा होता जा रहा है. बता दे कि उद्घाटन के 24 घंटे के भीतर ही सड़क अशर्फी अस्पताल के पास पहली बार धंसी थी. तब से धंसने का सिलसिला लगातार जारी है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

     


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