धनबाद(DHANBAD): 2021 में कोलकाता छोड़कर बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम चुनाव लड़ने गई थी. ममता बनर्जी सुवेंदु अधिकारी को चुनौती देने नंदीग्राम गई थी. लेकिन पूरी ताकत के बावजूद उन्हें हारना पड़ा था. 2026 में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम में तो चुनाव लड़ ही रहे हैं, ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर भी पहुंच गए है. कहा जा रहा है कि भवानीपुर में इस बार "चुनावी महासंग्राम" होगा. यहां वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है.
दरअसल, रविवार को चुनावी सभाओं में आरोप -प्रत्यारोप का खूब दौर चला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में थे. उन्होंने एक ही दिन में बांकुड़ा , पुरुलिया , झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में चार जनसभा कर जंगलमहल की 40 सीटों को साधने की कोशिश की.
जंगलमहल की 40 सीटों में से 24 पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा
वर्तमान में जंगलमहल की 40 सीटों में से 24 पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है. भाजपा के पास 16 सीट है. प्रधानमंत्री का सबसे ज्यादा फोकस उन्हीं इलाकों पर रहा, जहां तृणमूल कांग्रेस मजबूत है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में तृणमूल कांग्रेस पर आदिवासियों के शोषण का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा किया है. इस पूरे क्षेत्र को तृणमूल ने भ्रष्टाचार,भय और पिछड़ेपन के गर्त में ढकेल दिया है. प्रधानमंत्री ने असामाजिक तत्वों को साफ चेतावनी दे दी और कहा कि मैं तृणमूल के गुंडो को आखिरी मौका देता हूं कि वह चुनाव से पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दें. 4 मई को नतीजे आने के बाद किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर बोला तीखा हमला
दूसरी और रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हुगली के तारकेश्वर और पूर्व वर्धमान में चुनावी सभाओं को संबोधित किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला , उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सभी मर्यादाओं को ताक पर रख रही है. जिसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से की जाएगी. ममता बनर्जी ने राष्ट्र के नाम संबोधन पर सवाल उठाया, आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री महिला आरक्षण विधेयक के बहाने राष्ट्र को संबोधित करते हुए असल में भाजपा के लिए वोट माँगने का काम किया. ममता बनर्जी ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया और इसकी निंदा की. ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की मनसा पर सवाल उठाया। कहा कि विधेयक सितंबर 2023 में ही पारित हो चुका था. अगर नीयत ठीक है तो केंद्र सरकार ने ऐसे अब तक जमीन पर क्यों नहीं उतरा? उन्होंने कहा कि एक ही बिल को कितनी बार पास कराएंगे.


