हो जाइये सावधान, पैसा भी जाएगा और जेल भी हो सकती है, जानिए किस मामले में झारखण्ड सरकार ने लोगों को किया सचेत

    हो जाइये सावधान, पैसा भी जाएगा और जेल भी हो सकती है, जानिए किस मामले में झारखण्ड सरकार ने लोगों को किया सचेत

    धनबाद(DHANBAD):  साइबर ठगी के पैसे से टेरर  फंडिंग, मेट्रोमोनियल साइट  बनाकर धनबाद के एक व्यक्ति से एक करोड़ की ठगी. फिर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर रांची के व्यक्ति से 1.33  करोड़ की ठगी और उसके बाद टेरर फंडिंग. यह सब आंकड़े भयभीत करने वाले है. इस बीच झारखंड सरकार ने विज्ञापन जारी कर लोगों को सचेत किया है और कहा है कि सावधान रहकर धोखाधड़ी से बचे. झारखंड सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगर आपको लोन  की आवश्यकता हो तो शीघ्र और सुविधाजनक लोन का दावा करने वाले किसी अनाधिकृत डिजिटल  प्लेटफार्म तथा मोबाइल एप्स का शिकार ना बने. शीघ्र लोन का दावा करने वाले ऐसे मोबाइल एप्स से सावधान रहे. यह अनाधिकृत हो सकते हैं और आप पर छिपे हुए शुल्क भी लगा सकते है. जो यह पहले   साझा नहीं करते. इस एप्स के द्वारा आपके फोन की व्यक्तिगत जानकारी भी लीक  हो सकती है. इसलिए ऑनलाइन या मोबाइल एप से लोन देने वाली कंपनी के विवरण की पुष्टि जरूरी है.

    सलाह - सचेत पोर्टल का उपयोग करे.

    अनाधिकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से लोन देने वाली कंपनी के खिलाफ शिकायत करने के लिए सचेत पोर्टल का उपयोग करे. कोई भी ऐसा मोबाइल धारक नहीं होगा, जिनके मोबाइल पर घंटे- 2 घंटे में लोन देने के लिए संदेश नहीं आते हो. इनके चक्कर में लोग फंस  जाते है. झारखंड में पहली बार साइबर अपराधी और  आतंकवादियों का गठजोड़  सामने आया है. ठगी से हासिल किए गए पैसे आतंकवादियों को भेजे जा रहे है. कुछ दिन पहले धुर्वा थाना क्षेत्र के निवासी से निवेश के नाम पर एक 1. 33 करोड़  की ठगी हुई थी. थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था. सीआईडी साइबर सेल की टीम  इंडिया साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के सहयोग से दोनों मामलों की जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आये.

    पैसे जा रहे आतंकवादी संगठनों के पास 

    जांच में पता चला है कि रांची से क्रिप्टो करेंसी के जरिए ठगे गए पैसे आतंकवादी संगठन के अकाउंट में ट्रांसफर हुए है. यह 41 बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए है. उसी तरह धनबाद में ठगे गए पैसे ईरान में सक्रिय आतंकवादियों के समूह को भी भेजे गए है. सीआईडी के डीजी  अनुराग गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह का निवेश करने से पहले सावधान रहने की जरूरत है. क्योंकि साइबर अपराधी क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर फ्रॉड कर रहे है. क्रिप्टो करेंसी के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों के अनुसंधान के लिए 4 अगस्त से पुलिस पदाधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. झारखंड में साइबर अपराधियों की सक्रियता कुछ अधिक है, वैसे तो देश के हर राज्यों में फैले हुए हैं लेकिन झारखंड के चप्पे-चप्पे साइबर क्राइम हो रहा है और लोग ठगे जा रहे है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



    Related News