BCCL: मजदूर संगठन की डोर पकड़कर चांदी काटने वालों पर नए साल में सख्त हुआ प्रबंधन,अब उनकी मनमर्जी क्यों नहीं चलेगी!


धनबाद(DHANBAD): देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल में हलचल है .यह हलचल नए साल की शुरुआत में ही शुरू हो गई है. नए साल में प्रबंधन ने मजदूर संगठनों की डोर पकड़कर चांदी काटने वालों पर शिकंजा कस दिया है.
प्रबंधन ने ट्रेड यूनियन नेताओं को वन टाइम बायोमेट्रिक हाजिरी बनाने के आदेश को बदल दिया है. अब उन्हें इन और आउट दोनों समय की हाजिरी बनानी होगी. शुक्रवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं.
जानकारी के अनुसार विजिलेंस के निर्देश के बाद प्रबंधन ऐसा आदेश निर्गत किया है. बता दे कि इसके पहले मजदूर संगठन के नेताओं को वन टाइम हाजिरी बनाने की छूट मिली हुई थी. मतलब वह कभी भी जाकर बायोमेट्रिक हाजिरी बना सकते थे. लेकिन अब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे. यह अलग बात है कि मजदूर संगठन के लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं. लेकिन प्रबंधन अपने आदेश को लेकर कड़ा रुख हथियार किए हुए हैं.
अब मजदूर संगठनों को कार्यालय जाना होगा. उन्हें इन और आउट का दो बार बायोमेट्रिक हाजिरी बनानी होगी. आदेश में कहा गया है कि फिलहाल की परिस्थितियों एवं इंडस्ट्रियल रिलेशन को ध्यान में रखते हुए यूनियन पदाधिकारी, सदस्यों एवं कुछ अन्य को बायोमेट्रिक उपस्थिति से वन टाइम छूट दी गई थी .समय के साथ विभिन्न विभागों से यह प्रतिवेदित किया गया है कि उक्त छूट के कारण कार्य स्थल पर अनुशासनहीनता, कर्तव्यों में लापरवाही, नियंत्रण अधिकारियों के आदेश की अवहेलना के अलावे कार्य संस्कृति एवं कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
इसके अतिरिक्त , छूट की सुविधा नहीं मिलने वाले कर्मचारियों में भी असंतोष व्याप्त हो रहा है. उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए यूनियन पदाधिकारी, सदस्यों सहित सभी कर्मचारियों को बायोमेट्रिक मशीन के जरिए उपस्थिति अंकित करना अनिवार्य है. इस संबंध में पहले दी गई सभी वन टाइम छूट तत्काल प्रभाव से वापस ली जाती है.
दरअसल ,कोयला कंपनियों में नेतागिरी करने वाले लोग कुछ साल पहले तक सिर्फ वेतन उठाने के लिए कार्यालय जाते थे .उनके जिम्मे कोई काम नहीं होता था. लोकल अधिकारियों से साथ साठगांठ कर वह काम से परहेज करते थे और झक झक खादी पहनकर नेतागिरी करते थे. कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद यह परिचलन तेजी से बढ़ा और मजदूर संगठन के नेता काम से परहेज करने लगे. लेकिन अब मजदूर संगठन की डोर पकड़कर चांदी काटने वाले लोगों की प्रबंधन ने चूड़ियां टाइट कर दी है. अब उन्हें काम भी करना होगा और समय पर इन और आउट की हाजिरी भी बनानी होगी.
रिपोर्ट धनबाद ब्यूरो
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