झरिया पुनर्वास पर बीसीसीएल-जेआरडीए की भूमिका पर आज होगा फैसला!, जानिए कैसे
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धनबाद(DHANBAD): देश की सबसे बड़ी पुनर्वास योजना पर कोयलांचल की नजरें टिकी हुई है. अग्नि प्रभावित झरिया में आगे काम कैसे बढ़ेगा, किसे क्या करना है, काम में किसकी क्या भूमिका होगी, इस पर संभवत आज निर्णय हो जाएगा. बीसीसीएल और जेआरडीए को क्या काम करना है, दोनों की भूमिका तय हो जाएगी. कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आज 7 अक्टूबर को महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है. बैठक में एक्सपर्ट कमिटी, बीसीसीएल, जेआरडीए और झारखंड सरकार के अधिकारी शामिल रहेंगे. कोयला मंत्रालय के अपर सचिव ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से बीसीसीएल के अधिकारियों से जानकारी ली. बैठक में पुनर्वास पर तैयार ड्राफ्ट पर चर्चा होगी. संशोधित प्लान कैबिनेट में जाएगा.
200 साइट पर काम करना चाहती है बीसीसीएल
आपको बता दे कि बीसीसीएल की ओर से मंत्रालय को बताया गया है कि BCCL लगभग 200 साइट को पुनर्वास से अलग कर अपने स्तर से काम करेगी. सूत्र बताते हैं कि पुनर्वास एवं फायर फाइटिंग के काम में बीसीसीएल का रोल ज्यादा होगा. आबादी बहुल क्षेत्र में जेआरडीए की भूमिका होगी. 21 सितंबर को बीसीसीएल दौरे पर एडिशनल कोयला सचिव आए थे. बीसीसीएल अधिकारियों के साथ-साथ जेआरडीए के प्रबंध निदेशक सह डीसी संदीप सिंह से पुनर्वास पर चर्चा की थी. बता दें कि झरिया के लोग भी सरकारी कामों से नाखुश हैं. उनका आरोप है कि 1922 में अंग्रेजों ने जिस जमीन को रैयती बताया था, उसे अब जाकर सरकारी बता दिया गया है. अंग्रेजों द्वारा किए गए सर्वे का नक्शा भी झरिया के लोगों के पास उपलब्ध है और इस के आधार पर उनका दावा है कि वह लोग झरिया के रैयत हैं, लेकिन सरकार अब मानने को तैयार नही है.
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