धनबाद: जैसे-जैसे वित्तीय वर्ष समाप्ति का समय नजदीक पहुंच रहा है ,कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई बीसीसीएल पर उत्पादन और डिस्पैच का दबाव बढ़ता जा रहा है. सूत्रों के अनुसार मैनेजमेंट ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.
मंगलवार को महाप्रबंधक समन्वय समिति की उच्च स्तरीय बैठक हुई .CMD ने सख्त निर्देश दिया कि कोयला उत्पादन और डिस्पैच बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. उन्हें किसी भी हालत में बक्शा नहीं जाए. CMD ने निर्देश दिया कि जो भी व्यक्ति या समूह उत्पादन और डिस्पैच में बाधा उत्पन्न करते हो, उनके खिलाफ इमीडिएट सख्त कार्रवाई की जाए.
कहा कि छोटे-छोटे विवादों को लेकर कोयला उत्पादन रोकना राष्ट्रीय हित के खिलाफ है. इसके लिए लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से मिलकर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही साथ उन्होंने सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया.
महत्वपूर्ण बात यह रही कि कोयला चोरी रोकने और कोयले की गुणवत्ता को अपग्रेड करने पर मजबूती से चर्चा हुई. कहा गया कि चेक पोस्टों की निगरानी बढ़ाई जाए और गश्त तेज किया जाए. उपभोक्ताओं को भेजे जाने वाले कोयले की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. यह कंपनी के साख से जुड़ा हुआ मामला है .खास बात यह रही कि सभी एरिया के महाप्रबंधकों की भी जिम्मेवारी तय करने की बात हुई. अगर बिना किसी सही कारण के उत्पादन प्रभावित होता है, तो महाप्रबंधक भी इसकी जिम्मेवारी से नहीं बच सकते हैं. देखना दिलचस्प होगा कि सीएमडी के कड़े निर्देश के बाद आगे क्या परिवर्तन दिख रहा है.
Thenewspost - Jharkhand
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