बाघमारा की जंग: घायल डीएसपी दुर्गापुर रेफर,आउटसोर्सिंग की आड़ में खतरनाक गठजोड़ का कैसे हुआ खुलासा,पढ़िए

    बाघमारा की जंग: घायल डीएसपी दुर्गापुर रेफर,आउटसोर्सिंग की आड़ में खतरनाक गठजोड़ का कैसे हुआ खुलासा,पढ़िए

    धनबाद(DHANBAD): बाघमारा की घटना के बाद पूरा पुलिस महकमा रेस हो गया है. यह घटना आउटसोर्सिंग की आड़ में  गठजोड़ का भी खुलासा किया है. यह कैसे मान लिया जाए कि दोनों ओर से बड़े स्तर पर तैयारी थी और इसकी सूचना लोकल पुलिस को नहीं रही होगी. डीएसपी के घायल होने के बाद मामला गंभीर हो गया .बात इतनी ही नहीं है, पुलिस हिरासत से कारु यादव भाग भी गया . यह अलग बात है कि लोकल थानेदार सस्पेंड कर दिए गए हैं और पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है.

    घायल डीएसपी को बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर में भर्ती

    गुरुवार को घटित घटना के बाद घायल डीएसपी को बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर में भर्ती कराया गया है. उत्तरी छोटा नागपुर के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी गुरुवार को धनबाद पहुंचे और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया. दरअसल, आउटसोर्सिंग कंपनियों के तौर तरीके को लेकर भी विवाद पैदा होता है. आउटसोर्सिंग कंपनियां एक तरह से माफिया हायर करती हैं. यह या तो दबंग होते या किसी राजनीतिक दल से जुड़े होते हैं.  उन्हीं को आगे कर कंपनियां काम करती हैं. इसी का नतीजा है कि गुरुवार को बाघमारा में इतना बड़ा बवाल हो गया. डीएसपी तक को उपद्रवियों ने घायल कर दिया.

    पुलिस की कार्यशैली पर भी यह घटना कई सवाल पैदा करती है

    दरअसल गुरुवार को उपद्रवियों के आगे पहले तो पुलिस बैक फुट पर चली गई थी. लेकिन बाद में जब तैयारी के साथ पहुंची तो स्थिति नियंत्रण में हो पाई. इस दौरान लगभग दर्जन बाइक जला दी गई. गिरिडीह के सांसद का कार्यालय फूंक दिया गया. पुलिस पर पथराव किया गया. हिरासत में लिए गए कारू यादव निकल भागा. कुल मिलाकर पुलिस की कार्यशैली पर भी यह घटना कई सवाल पैदा करती है. दिन भर के घटनाक्रम को भी अगर देखा जाए तो दिखेगा की प्रारंभिक दौर में पुलिस की कार्रवाई सुस्त रही .डीएसपी के घायल होने के बाद पुलिस रेस हुई.

    क्या था मामला

    सूत्रों के अनुसार गुरुवार की सुबह 10 बजे जमावड़ा शुरू हुआ. 12:30 बजे दोनों ओर से फायरिंग और बम के धमाके किए जाने लगे. 12. 50 बजे लाठी डंडे तलवार से एक दूसरे पर हमला शुरू हो गया. उसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा. फिर महुदा इंस्पेक्टर सहित बाघमारा अनुमंडल क्षेत्र के पुलिस बल सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंचा. लगभग 2:30 बजे बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार पहुंचे. डीएसपी के साथ पुलिस बल पहुंचा. डीएसपी कारु यादव के मार्केट कांप्लेक्स में छापामारी की. कारू यादव भी वहां पहुंचा. पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. उसके बाद कारू यादव के समर्थक उग्र हो गए .और पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस पत्थरबाजी में डीएसपी घायल हो गए.

    पुलिस के लिए यह अच्छा मौका है, बाघमारा को माफिया से मुक्त कर देने का: जयराम महतो

    दरअसल गुरुवार को हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग के लिए खरखरी जंगल में चाहरदीवारी निर्माण का काम शुरू होने वाला था. इसी बात को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सपोर्टर और सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के समर्थक आमने-सामने हो गए.कारू यादव झामुमो नेता है. हरवे हथियार के साथ दर्जनों लोग जंगल पहुंच गए थे. दोनों ओर से बम और गोलियां चली. गुरुवार को डुमरी के विधायक जयराम महतो धनबाद पहुंचे. वह घायल डीएसपी को देखने आए थे. उन्होंने कहा कि पुलिस के लिए यह अच्छा मौका है, बाघमारा को माफिया से मुक्त कर देने का. उन्होंने कहा कि बाघमारा के माफिया अब इतने शक्तिशाली हो गए हैं कि वह पुलिस पर भी हमला बोलने की ताकत जुटा लिए हैं .उत्तरी छोटा नागपुर के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी गुरुवार को धनबाद में थे. आईजी भी पहुंचे थे. डीआईजी भी आए थे. अधिकारियों ने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं. देर रात तक छापेमारी जारी थी. पुलिस इलाके को को खंगाल रही है. विवादित स्थल के अगल-बगल निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 



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