बाघमारा कांड की तपिश धनबाद , रांची होते हुए पहुंची कोल इंडिया हेडक्वार्टर, देखिए क्या हुआ निर्णय 

    बाघमारा कांड की तपिश धनबाद , रांची होते हुए पहुंची कोल इंडिया हेडक्वार्टर, देखिए क्या हुआ निर्णय

    धनबाद(DHANBAD): बाघमारा कांड के कुछ पहलुओं पर कोल इंडिया विशेष टीम से जांच करा  सकती है.  यह बात गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के साथ बैठक के बाद निकल कर बाहर आई है.  सूत्र बताते हैं कि कोल इंडिया के अध्यक्ष पीएम प्रसाद और गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी के बीच गुरुवार को कोल इंडिया मुख्यालय में बैठक हुई.   इसमें सांसद ने कोयलांचल के लिए एक बड़ी मांग की.  जिस पर लगभग सहमति बन गई है.  सांसद ने विस्थापित सेल का गठन करने की मांग की.  सूत्र बताते हैं कि कोल्  इंडिया के अध्यक्ष ने इस पर सहमति दे दी है.  

    विस्थापित सेल का जल्द हो सकता है गठन 

    शीघ्र विस्थापित सेल का गठन करने का भरोसा दिया है.  यह भी पता चला है कि सांसद  के कहने पर कोल् इंडिया के अध्यक्ष ने बाघमारा कांड की जांच रिटायर्ड डीजीपी स्तर  के आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता वाली विशेष कमेटी से कराने  की सहमति दे दी है.  बता दे कि  बाघमारा कांड अभी चर्चा में है.  इस कांड में गिरिडीह के सांसद के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है.  तो बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया के महाप्रबंधक जीसी शाहा  के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है.  पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किस वजह से प्रशासनिक अधिकारियों की मनाही के बावजूद महाप्रबंधक ने हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग को बाउंड्री वॉल करने की अनुमति दी.  यहां यह कहना भी गलत नहीं होगा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के संचालक और रंगदारों के बीच सांठगांठ  की वजह से कोयलांचल में हमेशा खून खराबा  होते रहता है. 

    गुरुवार को धनबाद के एसएसपी एचपी जनार्दनन  ने बताया 

     इधर, गुरुवार को धनबाद के एसएसपी एचपी जनार्दनन  ने बाघमारा कांड के किंगपिन  कारू  यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बाघमारा के खरखरी  में पहले शेख गुड्डू ने बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य में हिस्सेदारी देने की मांग हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग कंपनी से की थी.  आउटसोर्सिंग कंपनी ने कारू  यादव को काम  दे दिया.  इसके बाद भी शेख गुड्डू के कहने पर उसके लोग हिस्सेदारी मांगते रहे.  दूसरी ओर वर्चस्व को लेकर कारू  यादव हिस्सेदारी नहीं देने पर अड़  गया.  इस वजह से विवाद हुआ.  धर्माबांध ओ पी   प्रभारी कमलेश कुमार और मधुबन ओपी प्रभारी पिंकू प्रसाद इस मामले को नहीं समझ सके.  इसलिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. 

    खैर चाहते है तो अपराध छोड़ मुख्य धारा में लौट जाए 

    एसएसपी  ने यह भी बताया कि इस मामले में एरिया जीएम  और आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच चल रही है.  एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस- प्रशासन के साथ बदसलूकी करने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा.  उन्होंने गलत काम करने वालों को सख्त चेतावनी दी कि  अपराध छोड़कर मुख्य धारा से जुड़ जाएं अन्यथा पुलिस सख्ती  से निपटेगी. कारू यादव को पुलिस ने बुधवार को बिहार के जमुई से गिरफ्तार किया था.  गिरफ्तार करने के बाद उसे धनबाद लाया गया.  उसको साथ लेकर उसके इलाके में छापेमारी की गई.  जिसमें हथियार और 7 लाख से अधिक नगद रुपए बरामद किए गए है.  बता दें कि इस घटना में बाघमारा के एसडीपीओ घायल हो गए थे. उनका इलाज फिलहाल दुर्गापुर में चल रहा है और उनके स्वास्थ्य में सुधार है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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