बाघमारा कांड : इलाके में पहली बार कुछ ऐसे दिखा रंगदारों और उनके आकाओं में पुलिस का खौफ !

    बाघमारा कांड : इलाके में पहली बार कुछ ऐसे दिखा रंगदारों और उनके आकाओं में पुलिस का खौफ !

    धनबाद(DHANBAD) : बाघमारा कांड में पुलिस की कार्रवाई ताबड़तोड़ चल रही है. उस इलाके में  पहली बार रंगदारों  में पुलिस का खौफ पैदा हुआ  है. हुटर बजाते हुए पुलिस की गाड़ियां लगातार इलाके में धूल उड़ा रही है. पुलिस ने एक पक्ष के मुख्य आरोपी कारू यादव को गिरफ्तार कर लिया है. अब दूसरे पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने इस मामले में अभी तक 11 मुकदमे दर्ज किए है. लेकिन इन मुकदमों की संख्या और बढ़ सकती है. सूत्र बताते हैं कि जैसे-जैसे पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ेगी, मुकदमों की संख्या बढ़ती जाएगी. क्योंकि इलाके में अंदेशा है कि अवैध हथियार छुपा कर रखे गए है. 

    पुलिस  हथियारों की बरामदगी के लिए लगातार डाल रही छापे 

    पुलिस इन हथियारों की बरामदगी के लिए छापे डाल रही है. जैसे-जैसे हथियार बरामद होंगे, मुकदमों की संख्या बढ़ती जाएगी. शनिवार को एसएसपी और ग्रामीण एसपी बाघमारा के मधुबन थाना पहुंचे. अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए. कई इलाकों में एसएसपी की अगुवाई में फ्लैग मार्च निकाला गया. फ्लैग मार्च में पुलिस की गाड़ियों का लंबा काफिला था. एसएसपी का साफ कहना है कि पुलिस किसी के दबाव में काम नहीं करेगी. जो सही होगा, पुलिस एक्शन लेगी. उन्होंने शनिवार को कहा कि फिलहाल इलाके में शांति है. एक पक्ष के मुख्य आरोपी कारू यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है. दूसरे पक्ष के लोगों को भी चिन्हित कर लिया गया है. फिलहाल वह पुलिस के डर से भागे-भागे फिर रहे है. लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. जल्द वह भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. 

    बीसीसीएल के महाप्रबंधक आरोपों से घिरते जा रहे 
     
    गोविंदपुर एरिया के महाप्रबंधक पुलिस की जांच में घिरते  जा रहे है. इसके संकेत एसएसपी ने भी दिए है. उनका कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सदर अनुमंडल अधिकारी के आदेश के बावजूद महाप्रबंधक ने काम शुरू करने की अनुमति दी. काम भी अपराधी गिरोह के साथ मिलकर शुरू कराया गया. पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि महाप्रबंधक का आखिर क्या स्वार्थ था. किस  वजह से उन्होंने जिला प्रशासन को काम शुरू करने के पहले सूचना नहीं दी. लोकल थाने को भी कुछ नहीं बताया.  इस वजह से 9 जनवरी को इतना बड़ा कांड हो गया. 

    बताया जाता है कि पुलिस उन लोगों को भी लगभग चिन्हित कर लिया है, जो लोग कारू यादव जैसे आपराधिक छवि के लोगों को संरक्षण देते रहे है. अब उन्हें भी जेल जाना पड़ सकता है.  धनबाद पुलिस इस मामले में कोई ढिलाई देने के मूड में नहीं है. 

    9 जनवरी को खरखरी  के जंगल में भारी गोलीबारी और बमबाजी की गई थी
     
    बता दें कि हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग के काम को लेकर 9 जनवरी को खरखरी के जंगल में भारी गोलीबारी और बमबाजी की गई थी. इतना ही नहीं, सांसद के कार्यालय में आग लगा दी गई थी. इसके बाद इलाके के एसडीपीओ के नेतृत्व में जब पुलिस कारू यादव के मार्केट कांप्लेक्स में छापेमारी को गई ,तो पत्थरबाजी शुरू कर दी गई.  पत्थरबाजी में एसडीपीओ घायल हो गए.  फिलहाल उनका इलाज दुर्गापुर में चल रहा है. वह खतरे से बाहर बताए जाते है. इस घटना के बाद तो धनबाद से लेकर रांची तक कोहराम मच गया था. उत्तरी छोटानागपुर के वरीय  पुलिस अधिकारी धनबाद पहुंचे, रात में मीटिंग की गई और 11 जनवरी की सुबह से ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू हुई. कारू यादव को पुलिस ने बिहार के जमुई से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अब दूसरे पक्ष और रंगदारों को संरक्षण देने वालों की बारी है. देखना है आगे और कौन-कौन से लोग पुलिस के लपेटे में आते है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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