मंत्रोच्चारण के साथ श्रावणी मेला का बादल पत्रलेख ने किया उद्घाटन, जानें कैसे झारखंड-बिहार को एक करेगा बालू

    मंत्रोच्चारण के साथ श्रावणी मेला का बादल पत्रलेख ने किया उद्घाटन, जानें कैसे झारखंड-बिहार को एक करेगा बालू

    देवघर(DEOGHAR): देवघर के दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर झारखंड सरकार के मंत्री बादल पत्रलेख की ओर से 2023 राजकीय श्रावणी मेला का विधिवत उद्घाटन 3 जुलाई सोमवार को किया गया. पूरे वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चारण के साथ बोलबम के जयकारों के बीच मंत्री ने फीता काट कर श्रावणी मेला का उद्घाटन किया. मौके पर स्थानीय विधायक नारायण दास, झारखंड के पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश पासवान,धार्मिक हिन्दू न्यास बोर्ड झारखंड के अध्यक्ष, संताल परगना के डीआईजी, डीसी मंजूनाथ भजंत्री, एसपी सुभाष चंद्र जाट सहित कई आला अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद थे. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा देने के लिए कृत संकल्प है.

    ये सावन फिर से बिहार झारखंड को एक करेगा-बादल

    राजकीय श्रावणी मेला के उदघाटन के मौके पर बोलते हुए मंत्री बादल पत्रलेख ने आग्रह किया है, कि दो महीने तक चलने वाले इस श्रावणी मेला में पक्ष-विपक्ष सहित आमलोग अपने अहंकार को दरकिनार कर एकजुट होकर सिर्फ बम की सेवा करें. मेला को सफल बनाने के लिए देवघर जिला और पुलिस प्रशासन गंभीर है. इस क्षेत्र का विकास सिर्फ बाबा बैद्यनाथ और बासुकीनाथ की वजह से हुआ है. समय,सीमित संसाधन के बाबजूद अच्छी व्यवस्था के लिए सरकार कृत संकल्पित है. 

    बिहार के गंगा का बालू मंगाकर बिछाया गया है

    मेला की सफलता के लिए कोई भी अपना सुझाव दे सकता है. जिसपर गंभीरता से पूरा किया जाएगा. इस बार कांवरिया पथ पर बिहार से गंगा का बालू मंगाकर बिछाया गया है. जिसकी वजह से ये सावन बिहार और झारखंड को एक करेगा. बालू का जैसा फीडबैक मिल रहा है, आगामी श्रावणी मेला में बिहार से देवघर और बासुकीनाथ धाम तक इसी गंगा का बालू कांवरियों के लिए पथ पर बिछाया जाएगा.

    प्रशासन ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया-नारायण दास

    श्रावणी मेला के उदघाटन के मौके पर पहुंचे देवघर विधायक नारायण दास ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है, कि उनके गरिमा और प्रोटोकॉल का ख्याल नहीं रखा गया है. दरअसल आज के उदघाटन समारोह में मंत्री बादल पत्रलेख के बाद प्रोटोकॉल के लिहाज से स्थानीय विधायक को मंच पर उदघाटन कर्ता के बगल में बैठाना चाहिए. लेकिन उन्हें नहीं बैठाया गया. मंत्री के बगल में पूर्व मंत्री सुरेश पासवान के बगल में डीआईजी संताल परगना फिर इनके बगल में जिला 20 सूत्री उपाध्यक्ष को बैठाया गया था. 

    नारायण दास ने की बाबा बैद्यनाथ संस्कृति महाविद्यालय के लिए जमीन की मांग

    इसके बाद स्थानीय विधायक को मंच साझा करने के लिए सीट दी गयी. इसी बात से नाराज विधायक नारायण दास ने अपनी कड़ी आपत्ति सभी के समक्ष दर्ज करते हुए मंच से विधायक ने दीघरिया पहाड़ को राष्ट्रीय पार्क,बेलपत्र रुद्राक्ष उद्यान के अलावा देवघर में बाबा बैद्यनाथ संस्कृति महाविद्यालय की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग मंत्री से की. स्थानीय विधायक ने श्रावणी मेला को दो राज्य और दो दिलों का संगम बताया है. ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए एकजुटता से सभी को काम करना चाहिए.

    डीसी और डीआईजी ने तैयारियों की जानकारी दी

    श्रावणी मेला 2023 के उदघाटन के मौके पर सभी गणमान्यों का स्वागत उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने किया. डीसी ने बताया कि इस बार भी अरघा के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं का सुलभ जलार्पण 4 जुलाई से कराया जाएगा. वहीं इस दौरान किसी भी तरह का वीआईपी दर्शन पर पाबंदी रहेगी. नवनियुक्त झारखंड हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने कहा कि न्यास बोर्ड, श्राइन बोर्ड के साथ समन्वय स्थापित कर पूरा सहयोग करेगी. 

    श्रावणी मेला का सफल संचालन सभी के सहयोग की कामना

    देवघर और बासुकीनाथ में पुलिस की व्यवस्था पर संताल परगना प्रक्षेत्र के डीआईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि अस्थाई थाना और यातायात थाना का सृजन किया गया है, ताकि मेला के दौरान सभी की सुरक्षा और सरल यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये है. 24 घण्टे पुलिस श्रद्धालुओं की सेवा में कार्यरत है. 2022 की अपेक्षा इस वर्ष ज्यादा सुविधा मुहैया की जा रही है.उम्मीद की जानी चाहिए कि कल से दो महीने तक श्रावणी मेला का सफल संचालन सभी के सहयोग से संपन्न हो जाये.

    रिपोर्ट-रितुराज सिन्हा


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