मकर संक्रांति के बाद बाबूलाल मरांडी के हाथ से निकल जाएगा एक पद,पढ़िए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसकी होगी ताजपोशी!

    मकर संक्रांति के बाद बाबूलाल मरांडी के हाथ से निकल जाएगा एक पद,पढ़िए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर किसकी होगी ताजपोशी!

    धनबाद: झारखंड बीजेपी में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू का कद लगातार बढ़ता दिख रहा है.सक्रियता भी बढ़ी है तो पार्टी में पैठ भी.कार्यकर्ताओं के बीच अभी चर्चा तेज हो गई है कि आदित्य साहू ही झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष होंगे. कार्यकर्ता इसके तर्क भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि झारखंड बीजेपी फिलहाल संगठनात्मक चुनाव के दौर से गुजर रही है. प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्षों के चुनाव होने हैं.

    मकर संक्रांति के बाद प्रदेश अध्यक्ष पर हो सकता फैसला 

    जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया चल रही है. उम्मीद की जा रही है कि मकर संक्रांति के बाद प्रदेश अध्यक्ष पर फैसला हो सकता है. जिस हिसाब से सांसद आदित्य साहू का कार्यकर्ताओं के बीच पैठ बढ़ रही है, उससे ऐसा लग रहा है कि आदित्य साहू ही प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बनाए जाएंगे. हालांकि इस रेस में कई नाम भी हैं, लेकिन धीरे-धीरे सभी के नाम पिछड़ते जा रहे हैं. 

    दरअसल, बाबूलाल मरांडी अभी दोहरे पद की जिम्मेवारी निभा रहे हैं. जुलाई 2023 में बाबूलाल मरांडी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था .नवंबर 24 में विधानसभा चुनाव के बाद मार्च 25 में भाजपा विधायकों ने उन्हें विधायक दल का नेता भी चुन लिया. इसके बाद से ही बाबूलाल मरांडी दोहरी जिम्मेवारी निभा रहे हैं. इस बीच अक्टूबर 25 में आदित्य साहू को झारखंड बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद से ही उन्हें प्रदेश में एक बड़ा चेहरा माना जाने लगा. 

    अभी हाल ही में आदित्य साहू धनबाद पहुंचे थे. कार्यकर्ताओं ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया. जिस संस्था में वह कार्यक्रम के लिए गए थे ,वह धनबाद महानगर भाजपा के कोषाध्यक्ष प्रदीप मंडल का बताया जाता है. ऐसे में सवाल उठाना बहुत स्वाभाविक है कि क्या आदित्य साहू ही भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष होंगे. 

    दरअसल, झारखंड में भाजपा को नए ढंग से सजाने संवारने और मजबूत करने की कोशिश भी चल रही है. बंगाल चुनाव में भी झारखंड भाजपा की भूमिका अहम हो सकती है.विधानसभा चुनाव में झारखंड में भाजपा का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. भाजपा ना कोल्हान में कुछ कर पाई, ना संथाल परगना में. हालांकि चुनाव के पहले भाजपा ने कई उपाय किए. झामुमो के बड़े नेता रहे और कोल्हान टाइगर के नाम से प्रसिद्ध चंपई सोरेन को झामुमो से तोड़कर लाया गया. उम्मीद की जा रही थी कि चंपई सोरेन कोल्हान में भाजपा को मजबूती देंगे. सीट बढ़ेगी, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं.

     कोल्हान में वह खुद की सीट बचा पाए. यहां तक की अपने बेटे को उस चुनाव में भी और उसके बाद के उपचुनाव में भी नहीं जीत दिला पाए .यह भी माना जा रहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कोई चेहरा ओबीसी ही होगा. हालांकि ओबीसी चेहरे के लिए कई दावेदार हैं ,लेकिन कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद यह उम्मीद की जाने लगी है कि मकर संक्रांति के बाद प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी होगी और ऐसे में आदित्य साहू सभी झारखंड के ओबीसी नेताओं को पछाड़कर आगे निकल जाएंगे.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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