विधानसभा में बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला, भूमि अधिग्रहण से लेकर धान खरीद तक उठाए सवाल
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रांची(RANCHI): झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने भूमि अधिग्रहण, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियुक्तियों और धान खरीद जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए.
डीजीपी नियुक्ति को लेकर मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता की नियुक्ति और बाद में उन्हें हटाकर तदाशा मिश्र को पद देने की प्रक्रिया सेवा नियमों के अनुरूप नहीं थी. इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जवाब दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए उस पर चर्चा उचित नहीं है.
मरांडी ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शराब घोटाले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने से आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिल गई, जो कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करता है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार द्वारा तैयार दस्तावेज होता है और इसमें स्पष्ट दिशा का अभाव दिखा.
भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर उन्होंने जसीडीह, अमरापाड़ा (दुमका) और गिरिडीह के तीसरी प्रखंड का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उद्योग और कोल ब्लॉक के नाम पर आदिवासियों की उपजाऊ जमीन ली जा रही है. उन्होंने मांग की कि विधानसभा की एक समिति बनाकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कराया जाए और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. रिम्स-2 परियोजना और सूचना आयुक्त के रिक्त पदों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा.
धान खरीद को लेकर मरांडी ने आरोप लगाया कि लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो रही और गोदाम भरे होने का हवाला देकर किसानों को इंतजार कराया जा रहा है, जिससे बिचौलियों को फायदा मिलता है. इस पर मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार इस वर्ष बड़े पैमाने पर खरीद कर रही है और पिछले वर्षों में सूखे के कारण लक्ष्य प्रभावित हुआ था। सदन में इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली.
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